नमामि गंगे पाइपलाइन के बाद महोबा में सड़क मरम्मत न होने से कीचड़ की समस्या
महोबा के अजनर ग्राम पंचायत के मजरा खोई में नमामि गंगे योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़क की मरम्मत न होने...

MAHOBA | संवाददाता: अभिनय सिंह चंदेल
द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 14 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश के महोबा जनपद में नमामि गंगे योजना के कार्यान्वयन से जुड़ी एक लापरवाही ने ग्रामीणों के लिए मुसीबत खड़ी कर दी है। ग्राम पंचायत अजनर के मजरा खोई में, घर-घर पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से पाइपलाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत अब तक नहीं हुई है। इसके परिणामस्वरूप, स्थानीय निवासी कीचड़ भरे और दुर्गम रास्तों से गुजरने को मजबूर हैं, जिससे उनके दैनिक जीवन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
योजना के तहत पाइपलाइन डालने का कार्य पूरा होने के बावजूद, संबंधित विभाग द्वारा सड़कों को उनके पूर्व स्थिति में बहाल नहीं किया गया है। जगह-जगह बिखरी मिट्टी और जलभराव के कारण पैदा हुई कीचड़ ने आवागमन को अत्यंत दुष्कर बना दिया है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की यह दयनीय स्थिति विशेष रूप से दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरनाक साबित हो रही है, जहाँ फिसलने का खतरा हर समय बना रहता है। इसके अतिरिक्त, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भी हर दिन इस बदहाल रास्ते से होकर आवागमन करना पड़ता है, जिससे उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
जनजीवन पर असर और सरकारी योजना का विरोधाभास
सरकार करोड़ों रुपये की लागत से नमामि गंगे जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को बेहतर बनाने का प्रयास कर रही है। हालांकि, महोबा में सड़क की मरम्मत में हो रही देरी इस सुविधा को ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बना रही है। जिस पाइपलाइन का उद्देश्य जीवन को सुगम बनाना था, उसकी वजह से बने खराब रास्ते लोगों के लिए एक नई चुनौती पेश कर रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग और समाधान की अपेक्षा
मजरा खोई के ग्रामीणों ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से इस अव्यवस्था को तत्काल ठीक करने की गुहार लगाई है। उनकी मांग है कि खोदी गई सड़कों की जल्द से जल्द मरम्मत कराई जाए, ताकि उन्हें कीचड़ भरे रास्तों से निजात मिल सके और उनका आवागमन सामान्य हो सके। ग्रामीणों को उम्मीद है कि उनकी शिकायतों पर संज्ञान लिया जाएगा और समस्या का शीघ्र समाधान निकाला जाएगा।
