नैरोबी शिखर सम्मेलन में भारत का दबदबा: 650 प्रतिनिधियों के साथ ग्लोबल साउथ के सारथी के रूप में उभरा
नैरोबी में चौथे एफ्रो वर्ल्ड एग्री-फूड कॉन्फ्रेंस में 1200 विदेशी प्रतिनिधियों में से 650 भारतीय थे। भारत ने खाद्य सुरक्षा और आधुनिक कृषि तकनीकें साझा करने पर जोर दिया।

द क्लिफ न्यूज़ | नैरोबी | 6 अगस्त 2026
केन्या की राजधानी नैरोबी के सरित एक्सपो सेंटर में 'चौथे एफ्रो वर्ल्ड एग्री-फूड कॉन्फ्रेंस, एग्जीबिशन और अवार्ड्स 2026' का हाल ही में समापन हुआ। इस तीन दिवसीय शिखर सम्मेलन में अफ्रीका और 'ग्लोबल साउथ' के अन्य देशों के साथ भारत के कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और आधुनिक कृषि प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में द्विपक्षीय व्यापार और सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। सम्मेलन की एक प्रमुख विशेषता यह रही कि कुल 1200 विदेशी प्रतिनिधियों में से आधे से अधिक, यानी 650 प्रतिनिधि अकेले भारत से थे।
आयोजन के उद्घाटन समारोह में भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर सुशील प्रसाद ने हिस्सा लिया। उन्होंने अपने संबोधन में ग्लोबल साउथ के देशों के सतत विकास और खाद्य सुरक्षा में भारत के निरंतर योगदान को मजबूती से रेखांकित किया। श्री प्रसाद ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत आज न केवल अपनी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है, बल्कि जलवायु-अनुकूल खेती और कुशल जल प्रबंधन जैसी अपनी आधुनिक तकनीकों और डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे (डीपीआई) को अन्य विकासशील देशों के साथ साझा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
कृषि सहयोग में भारत-केन्या के बढ़ते रिश्ते
केन्या स्थित भारतीय उच्चायोग ने 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, “खेती से भविष्य तक, भारत और केन्या साथ-साथ आगे बढ़ रहे हैं।” यह भागीदारी सरकारों के बीच मजबूत तालमेल और केन्या में नवाचार, प्रौद्योगिकी और निवेश लाने वाले भारतीय उद्यमियों की सक्रिय भूमिका पर टिकी है। डिप्टी हाई कमिश्नर सुशील प्रसाद ने सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में भाग लिया और भारत-केन्या के बीच कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में बढ़ते सहयोग की पुष्टि की।
यह शिखर सम्मेलन भारत की उस भूमिका को भी उजागर करता है, जिसके तहत वह आर्थिक और तकनीकी मोर्चे पर ग्लोबल साउथ को आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक विश्वसनीय और मजबूत सारथी के रूप में उभर रहा है। सम्मेलन के माध्यम से विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों को अपनी कृषि पद्धतियों, नवाचारों और बाजार की संभावनाओं को प्रदर्शित करने का एक मंच मिला, जिससे भविष्य में और अधिक सहयोग के द्वार खुलने की उम्मीद है।
