मुख्यमंत्री ने कन्या पूजन कर नारी सुरक्षा, स्वावलंबन को बताया रामराज्य का आधार
बलरामपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'शिक्षा की उड़ान' पहल की शुरुआत कर छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन सामग्री बांटी। उन्होंने नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 11 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन और अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बलरामपुर स्थित पाटेश्वरी देवीपाटन मंदिर प्रांगण में आयोजित एक भव्य समारोह में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने 'शिक्षा की उड़ान' पहल का शुभारंभ किया, जिसके अंतर्गत छात्र-छात्राओं को स्टडी टेबल, आशीर्वाद पत्र और पठन-पाठन सामग्री वितरित की गई। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष बल दिया कि नारी का सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन ही 'रामराज्य' की स्थापना का वास्तविक आधार है। उन्होंने आगे कहा कि जब समाज की प्रत्येक महिला आत्मनिर्भरता के अवसरों से सुसज्जित होगी, तभी विकसित भारत का संकल्प साकार हो सकेगा।
मुख्यमंत्री ने समारोह में देवी स्वरूपा नौ कन्याओं का विधिवत पूजन किया और उन्हें चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया। उन्होंने भारतीय संस्कृति में कन्याओं को देवी का स्वरूप मानने की प्राचीन परंपरा का स्मरण कराया और कहा कि बेटियों को शिक्षा एवं समान अवसर प्रदान करना किसी भी समाज की प्रगति के लिए अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2017 से पूर्व की स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय सरकारी विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं के अभाव के कारण हर पांचवीं बेटी को अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती थी। इसके विपरीत, वर्तमान सरकार ने 'ऑपरेशन कायाकल्प' के माध्यम से विद्यालयों में व्यापक स्तर पर आधारभूत सुविधाओं का विस्तार सुनिश्चित किया है, जिसमें शौचालय, शुद्ध पेयजल, फर्नीचर और स्मार्ट क्लास जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। आज प्रदेश के 1.60 करोड़ बच्चों को सरकार द्वारा यूनिफॉर्म, बैग, पुस्तकें और जूते-मोजे जैसी आवश्यक सामग्री नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
'शिक्षा की उड़ान' पहल से छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'शिक्षा की उड़ान' पहल के तहत बारह छात्र-छात्राओं को पठन-पाठन सामग्री प्रदान की। इसमें हीरालाल, अर्चना सैनी, काजल, प्रभु जायसवाल और निस्बा जैसे नाम शामिल थे। उन्होंने बच्चों को अनुशासित रहकर बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। इस पहल का उद्देश्य शिक्षा के प्रति बच्चों के उत्साह को बढ़ाना और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली युवा बालिकाओं को भी सम्मानित किया, जो खेल के प्रति बेटियों की बढ़ती भागीदारी और उनकी प्रतिभा को रेखांकित करता है। इन सम्मानित खिलाड़ियों में प्रयागराज एथलेटिक्स प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कंचन, जूडो में पदक जीतने वाली प्राची जैन, संध्या यादव, ममता, तथा ताइक्वांडो की उभरती खिलाड़ी पलक शुक्ला और अनाया गुप्ता शामिल रहीं। इन युवा खिलाड़ियों को सम्मानित कर मुख्यमंत्री ने उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं और उन्हें निरंतर अभ्यास के लिए प्रेरित किया।
आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकारी योजनाएं
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत घरों का मालिकाना हक महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर दिया जा रहा है, जिससे उन्हें वित्तीय सुरक्षा और सम्मान प्राप्त होता है। उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन के वितरण और घरौनी (गृह योजना) में भी महिला सदस्यों को प्रमुखता दी गई है, ताकि वे अपने घरों में सुरक्षित और सुविधाजनक जीवन जी सकें। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में 1.10 करोड़ परिवारों को विभिन्न पेंशन योजनाओं के माध्यम से प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह योजना समाज के कमजोर और वयोवृद्ध नागरिकों को आर्थिक संबल प्रदान करती है, जिससे वे अपनी मूलभूत आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। यह सरकारी प्रयास समाज के अंतिम पायदान तक विकास का लाभ पहुंचाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
किसानों को आधुनिक तकनीकें, कृषि मेले का उद्घाटन
कार्यक्रम के दूसरे चरण में मुख्यमंत्री ने एक विराट किसान मेले एवं विभागीय प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस मेले का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों, तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी देना था। मुख्यमंत्री ने कृषि, उद्यान और रेशम विकास विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का अवलोकन किया और संबंधित अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र प्रदान किए और कहा कि सरयू नहर परियोजना के पूर्ण होने से क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार आया है, जिससे किसानों की उत्पादकता बढ़ने की उम्मीद है। 'कस्टम हायरिंग सेंटर' योजना के तहत जगनारायण और मोतीलाल यादव को आधुनिक कृषि यंत्रों की चाबियां सौंपी गईं। इस योजना के माध्यम से छोटे और सीमांत किसान भी आधुनिक कृषि उपकरणों का लाभ उठा सकेंगे, जिससे कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और लागत कम होगी।
इस महत्वपूर्ण अवसर पर देवीपाटन मंदिर के महंत मिथलेश नाथ, मंडलायुक्त दुर्गाशक्ति नागपाल, जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन और अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन का समापन इस विचार के साथ किया कि सरकार का मुख्य ध्येय समाज के अंतिम पायदान तक, बिना किसी भेदभाव के, विकास का लाभ पहुंचाना है। यह सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि सभी नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और किसानों को समान अवसर मिलें और वे सशक्त व स्वावलंबी बनें। यह समग्र विकास ही 'रामराज्य' की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
