मुख्यमंत्री के आगमन पर स्वास्थ्य विभाग की अलर्ट पर 17 एंबुलेंस, विशेषज्ञ टीम तैनात
फर्रुखाबाद में मुख्यमंत्री के बाढ़ राहत वितरण कार्यक्रम के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने व्यापक इंतजाम किए। 17 एंबुलेंस, विशेषज्ञ डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ मुस्तैद रहे।

संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 3 सितंबर 2026
मुख्यमंत्री के फर्रुखाबाद आगमन और बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत राशि एवं सामग्री वितरित करने के कार्यक्रम को सुरक्षित और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग ने भी व्यापक तैयारियां कीं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में, किसी भी आकस्मिक स्वास्थ्य स्थिति से निपटने और आमजन के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक मजबूत और बहुस्तरीय व्यवस्था लागू की गई। इस पहल में 17 एंबुलेंस को महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किया गया, जिनमें विशेषज्ञ चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की टीमें शामिल थीं।
स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के लिए अधिकारियों को सौंपे गए दायित्व
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं के सुचारू संचालन के लिए विभिन्न अधिकारियों को विशिष्ट जिम्मेदारियां सौंपी गईं। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.सी. माथुर को पुलिस लाइन स्थित हेलिपैड पर चिकित्सकीय व्यवस्थाओं की देखरेख का दायित्व दिया गया। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपक कटारिया को कार्यक्रम स्थल, हेलिपैड, सेफ हाउस और प्लेटफॉर्म पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय टीमों के साथ-साथ एंबुलेंस, एलएमओ (लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन) और 108 एंबुलेंस की उपलब्धता सुनिश्चित करने का कार्य सौंपा गया।
इसी क्रम में, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. परिक्षित सफीर को कार्यक्रम स्थल पर खाद्य एवं पेय पदार्थों की सुरक्षा जांच का जिम्मा मिला, जबकि उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सर्वर इकबाल सिद्दीकी को कार्यक्रम स्थल पर स्थापित अस्थायी सेफ हाउस में चिकित्सा व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई। अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सर्वेश यादव को स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के समन्वय और निगरानी के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया।
17 एंबुलेंस और विशेषज्ञ टीमों की तैनाती
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए, सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशानुसार, चिन्हित विभिन्न स्थानों पर 17 एंबुलेंस को आवश्यक चिकित्सा उपकरणों और प्रशिक्षित टीमों के साथ तैनात किया गया। इन एंबुलेंस को पुलिस लाइन, हेलिपैड, कार्यक्रम स्थल और सेफ हाउस जैसे प्रमुख स्थानों पर अलर्ट रखा गया ताकि किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान की जा सके।
आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए, स्थानीय संसाधनों के अलावा कानपुर देहात, इटावा, कन्नौज, औरैया, शाहजहांपुर और एटा जैसे पड़ोसी जनपदों से भी अतिरिक्त एंबुलेंस सहायता के लिए मंगाई गईं। इस सहयोग से जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य प्रतिक्रिया क्षमता को काफी बल मिला।
विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ की व्यापक उपलब्धता
कार्यक्रम के लिए तैयार की गई तैनाती सूची के अनुसार, विभिन्न स्थलों पर विशेष चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित की गईं। इनमें 2 एनेस्थेटिस्ट, 3 फिजिशियन, 3 सर्जन, 1 पैथोलॉजिस्ट, 3 फिजियोथेरेपिस्ट, 1 कार्डियोलॉजिस्ट और 1 जनरल सर्जन जैसे विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल थे। इनके अतिरिक्त, 5 फार्मासिस्ट, 2 लैब टेक्नीशियन, 5 वार्ड बॉय, 1 ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन) और 1 चिकित्सा अधिकारी सहित आवश्यक पैरामेडिकल और एंबुलेंस स्टाफ को भी तैनात किया गया।
पुलिस लाइन, हेलिपैड, कार्यक्रम स्थल, सेफ हाउस और डॉ. राम मनोहर लोहिया पुरुष चिकित्सालय जैसे विभिन्न चिन्हित स्थानों पर अलग-अलग चिकित्सा टीमों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुसार तैनात किया गया। इन सभी टीमों को निर्धारित स्थानों पर पूरी तत्परता से उपस्थित रहने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए गए थे।
सेफ हाउस और सभा स्थल पर चिकित्सा सहायता
कार्यक्रम के दौरान, पुलिस लाइन में स्थापित सेफ हाउस में भी एक समर्पित चिकित्सा टीम तैनात की गई थी। यहीं पर कमालगंज निवासी ईशा कांस्टेबल को बुखार और कमजोरी की शिकायत होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। तैनात टीम ने उनका परीक्षण कर आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराईं।
सभा स्थल पर लोगों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए, 23 एएनएम (ऑक्जिलियरी नर्स मिडवाइफ) को स्वास्थ्य किट के साथ तैनात किया गया था। इनके माध्यम से उपस्थित लोगों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का आकलन कर प्राथमिक चिकित्सा सहायता प्रदान की गई। एनएमएमयू (नेशनल मोबाइल मेडिकल यूनिट) की दो एंबुलेंस भी सभा स्थल पर उपलब्ध थीं, जिनके माध्यम से 155 लोगों को आवश्यकतानुसार दवाएं वितरित की गईं। गर्मी और बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति को देखते हुए, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 1200 पैकेट ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) भी वितरित किए गए, जिससे लोगों को तत्काल राहत मिल सके।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने सभी तैनात चिकित्सा कर्मियों को निर्देश दिया कि कार्यक्रम के दौरान किसी भी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर अविलंब चिकित्सा सहायता दी जाए और यदि आवश्यक हो, तो मरीज को बिना देरी किए उच्च चिकित्सा संस्थान भेजा जाए। सीएमओ के निर्देशन में की गई इन व्यापक तैयारियों में 17 एंबुलेंस, छह अन्य जनपदों से प्राप्त एंबुलेंस, 2 एनएमएमयू एंबुलेंस, विशेषज्ञ चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, 23 एएनएम की टीम, दवाओं का वितरण और ओआरएस पैकेट का वितरण शामिल रहा। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के सुरक्षित और सुचारू संचालन में अपनी तत्परता और समर्पण का परिचय दिया।
