मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान: भिंड में 84 आवेदन, दिव्यांगों को मिले प्रमाण पत्र
भिंड में मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत आयोजित शिविर में 84 आवेदन आए। कलेक्टर और एसपी ने जनसुनवाई की, जबकि 18 दिव्यांगों को मौके पर प्रमाण पत्र जारी किए गए।

द क्लिफ न्यूज़ | 21 अगस्त 2026
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत भिंड जिले में आयोजित एक विशाल शिविर में नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण किया गया। लहार अनुविभाग के आलमपुर स्थित शासकीय स्नातक महाविद्यालय में आयोजित इस तीसरे जिला स्तरीय शिविर में, जिला कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा और पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा ने स्वयं जनसुनवाई कर नागरिकों की व्यथा सुनी। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 84 आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
यह जनविश्वास अभियान, जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है, नागरिकों के प्रति सरकार के विश्वास और जवाबदेही को मजबूत करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। आलमपुर में आयोजित यह शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था, जहाँ विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और आमजन की समस्याओं को सीधे सुना। शिविर में पहुंचे नागरिकों ने अपनी राजस्व, पेंशन, निर्माण कार्य, एवं अन्य जन कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित शिकायतों को अधिकारियों के समक्ष रखा।
शिविर में विशेष रूप से स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता देखी गई। मेडिकल बोर्ड द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए 18 पात्र हितग्राहियों के दिव्यांगता प्रमाण पत्र मौके पर ही बनाए गए। यह प्रमाण पत्र मिलने से इन व्यक्तियों को सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली सहायता और आरक्षण का लाभ आसानी से प्राप्त हो सकेगा। इस पहल का उद्देश्य प्रशासनिक अमले को आम जनता के करीब लाना और उनकी समस्याओं का समाधान सुगमता से करना है, जिससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से मुक्ति मिल सके।
पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर
अभियान की शुरुआत महाविद्यालय परिसर में पौधारोपण के साथ हुई, जिसने पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक महत्वपूर्ण संदेश दिया। जिला कलेक्टर किरोड़ी लाल मीणा ने 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण कर इस पुनीत कार्य का शुभारंभ किया। उन्होंने उपस्थित सभी लोगों से पर्यावरण की सुरक्षा में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया, यह समझाते हुए कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरित वातावरण छोड़ना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
इसके अतिरिक्त, प्रशासनिक अधिकारियों ने क्षेत्र के विद्यालयों का सघन निरीक्षण भी किया, जिससे शिक्षा व्यवस्था की वर्तमान स्थिति का आकलन किया जा सके। कलेक्टर मीणा ने एकीकृत शासकीय माध्यमिक विद्यालय, गोरा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों से सीधा संवाद स्थापित कर उनकी पढ़ाई-लिखाई और विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर मध्यान्ह भोजन भी ग्रहण किया, ताकि भोजन की गुणवत्ता का स्वयं अनुभव कर सकें। वहीं दूसरी ओर, जिला पंचायत सीईओ वीरसिंह चौहान ने ग्राम पंचायत खूजा तथा शासकीय माध्यमिक विद्यालय खूजा का निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इन निरीक्षणों का मुख्य उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाना, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना और शिक्षकों को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना था।
