मृगवास पुलिस ने छह घंटे में ब्यावरा से सकुशल ढूंढा 14 वर्षीय लापता बालक
गुना पुलिस की तत्परता: मृगवास थाना पुलिस ने 18 सितंबर 2026 को ब्यावरा रेलवे स्टेशन से लापता हुए 14 वर्षीय बालक को महज छह घंटे...

गुना / मृगवास | संवाददाता: राजा हतम वेग
द क्लिफ न्यूज़ | गुना | 18 सितंबर 2026
गुना जिले की मृगवास पुलिस ने एक 14 वर्षीय नाबालिग बालक को ब्यावरा रेलवे स्टेशन से सकुशल बरामद कर बड़ी तत्परता का परिचय दिया है। यह घटना 18 सितंबर 2026 को तब सामने आई जब बालक के परिजनों ने मृगवास थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने सूचना मिलते ही तत्परता दिखाते हुए तकनीक की मदद से महज छह घंटे के भीतर बालक का पता लगा लिया।
गुना पुलिस अधीक्षक हितिका वासल के निर्देशन में, एसडीओपी मनोज कुमार झा की देखरेख में थाना प्रभारी संदीप यादव और उनकी टीम ने इस मामले को अत्यंत संवेदनशीलता से लिया। पुलिस को प्रारंभिक जांच में यह महत्वपूर्ण सुराग मिला कि बालक ब्यावरा क्षेत्र में हो सकता है। इस सूचना के आधार पर, पुलिस टीम तुरंत परिजनों को साथ लेकर ब्यावरा के लिए रवाना हुई।
तकनीकी सहायता से त्वरित कार्रवाई
ब्यावरा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान, पुलिस टीम ने सफलतापूर्वक बालक को ढूंढ निकाला। बालक के सकुशल मिलने पर परिजनों ने गहरी राहत महसूस की और उन्होंने पुलिस की त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के लिए तहेदिल से आभार व्यक्त किया। इस सराहनीय कार्य में प्रधान आरक्षक सोबरन सिंह, आरक्षक सचिन तोमर और आरक्षक जितेन्द्र यादव की भूमिका विशेष रूप से उल्लेखनीय रही।
पुलिस की यह तत्परता और आधुनिक तकनीक का कुशल उपयोग, समय पर बालक को ढूंढ निकालने में निर्णायक साबित हुआ। रेलवे स्टेशनों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर बच्चों की सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय होती है, और इस मामले में मृगवास पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी का बखूबी निर्वहन किया है। बालक की सुरक्षित वापसी ने परिवार को एक बड़ी अनहोनी से बचाया और उन्हें मानसिक संबल प्रदान किया।
गुना पुलिस ने इस घटना के संबंध में स्पष्ट किया है कि नाबालिगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रति वे पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। इस तरह के संवेदनशील मामलों में भविष्य में भी इसी प्रकार की तत्परता, संवेदनशीलता और गंभीरता के साथ कार्रवाई जारी रखी जाएगी। पुलिस का यह प्रयास न केवल लापता बालक की सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करता है, बल्कि समुदाय में सुरक्षा का भरोसा भी बढ़ाता है। पुलिस द्वारा इस प्रकार की सक्रियता से न केवल बच्चों के सुरक्षित भविष्य की नींव रखी जाती है, बल्कि आम नागरिकों में पुलिस के प्रति विश्वास भी सुदृढ़ होता है। ऐसे कार्य पुलिस विभाग की कार्यक्षमता और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
