MP में पूर्व-2016 पेंशनरों की पेंशन विसंगति पर सरकार से जवाब तलब
मध्य प्रदेश पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने 1 जनवरी 2016 से पूर्व सेवानिवृत्त पेंशनरों की पेंशन केंद्रीय व्यवस्था के अनुरूप पुनरीक्षित करने की मांग की है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 18 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने राज्य सरकार से पुरजोर मांग की है कि 1 जनवरी 2016 से पूर्व सेवानिवृत्त हुए सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को मिलने वाली पेंशन को केंद्र सरकार की वर्तमान व्यवस्था के अनुरूप पुनरीक्षित किया जाए। इस अहम मुद्दे को लेकर एसोसिएशन ने मध्य प्रदेश शासन के मुख्य सचिव एवं वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव को एक विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया है। ज्ञापन में पेंशन पुनरीक्षण से संबंधित गंभीर विसंगतियों को तत्काल दूर करने और पेंशनरों के हितों की रक्षा करने का आग्रह किया गया है।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष आमोद सक्सेना ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन कल्याण मंत्रालय ने 12 मई 2017 को तथा वित्त मंत्रालय (व्यय विभाग) ने 23 मई 2017 को महत्वपूर्ण पत्र जारी किए थे। इन पत्रों के आधार पर 1 जनवरी 2016 से पूर्व सेवानिवृत्त हुए केंद्रीय सिविल पेंशनरों की पेंशन का पुनरीक्षण किया गया था। इस पुनरीक्षण प्रक्रिया में, सेवानिवृत्ति के समय संबंधित कर्मचारी के पद और उसके वेतनमान के आधार पर एक काल्पनिक वेतन निर्धारण की व्यवस्था की गई थी, और इसी काल्पनिक वेतन के आधार पर पेंशन को संशोधित करने का प्रावधान था।
केंद्रीय व्यवस्था के समान पुनरीक्षण की मांग
आमोद सक्सेना ने आगे स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश शासन ने भी सातवें वेतनमान के अंतर्गत पेंशन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में केंद्रीय सरकार के निर्धारित वेतनमानों और अपनाए गए फार्मूले का ही अनुसरण किया है। यह देखते हुए कि राज्य सरकार ने केंद्रीय व्यवस्था को अपनाया है, एसोसिएशन का तर्क है कि 1 जनवरी 2016 से पूर्व और उसके बाद सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों के बीच पेंशन पुनरीक्षण के मामले में अंतर करना किसी भी दृष्टि से न्यायसंगत नहीं है। एसोसिएशन का यह भी मानना है कि समान श्रेणी के पेंशनरों को, चाहे उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि कुछ भी रही हो, पेंशन लाभ समान आधार पर ही प्राप्त होने चाहिए।
एसोसिएशन के संरक्षक गणेश दत्त जोशी ने इस मुद्दे पर अपनी दृढ़ता व्यक्त करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश सरकार को भी केंद्र सरकार द्वारा अपनाई गई व्यवस्था के अनुरूप ही, प्रदेश के पूर्व-2016 पेंशनरों की पेंशन का पुनरीक्षण करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि केवल सेवानिवृत्ति की तिथि का अलग होना, समान श्रेणी के पेंशनरों के पेंशन लाभों में किसी भी प्रकार की असमानता का कारण नहीं बनना चाहिए। सभी को उनके सेवाकाल के अनुरूप समान लाभ मिलना चाहिए।
समानता का सिद्धांत और पेंशनरों का सम्मान
भोपाल जिले के अध्यक्ष सुरेश शर्मा ने पेंशन पुनरीक्षण के पीछे के मूल उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज के दौर में लगातार बढ़ती महंगाई को देखते हुए, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों को एक सम्मानजनक और पर्याप्त आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना ही पेंशन पुनरीक्षण का सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि जिन कर्मचारियों ने वर्षों तक निष्ठापूर्वक और लगन से शासकीय सेवा प्रदान की है, उन्हें उनके अधिकारों के अनुरूप उचित पेंशन लाभ मिलना अत्यंत आवश्यक है।
सुरेश शर्मा ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा विभिन्न निर्णयों में स्थापित समानता के सिद्धांत का उल्लेख किया। उन्होंने तर्क दिया कि जब कानून और न्याय व्यवस्था समानता के सिद्धांत का समर्थन करती है, तो समान श्रेणी के पेंशनरों के बीच केवल सेवानिवृत्ति की तिथि के आधार पर भेदभाव करना किसी भी प्रकार से उचित नहीं ठहराया जा सकता। यह समानता के सिद्धांत का सीधा उल्लंघन है।
स्पष्ट आदेशों की तत्काल आवश्यकता
एसोसिएशन के अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी, जिनमें उपाध्यक्ष संतोष ठाकुर, शैलेंद्र श्रीवास्तव, सचिव रामगोपाल माथुर, यशवंत सिंह बैस, संयुक्त सचिव शकुंतला वर्मा और कार्यकारिणी सदस्य संगीता श्रीवास्तव शामिल हैं, ने भी राज्य सरकार से इस गंभीर मामले में अविलंब कार्यवाही करने और एक स्पष्ट निर्णय लेने का आग्रह किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व-2016 पेंशनरों एवं पारिवारिक पेंशनरों की लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान के लिए, एक स्पष्ट कार्यपालिक आदेश अथवा सरकारी परिपत्र तत्काल जारी किया जाना अत्यंत आवश्यक है। ऐसा करने से पेंशन पुनरीक्षण को लेकर व्याप्त हो रही विसंगति का समाधान होगा और हजारों पेंशनरों को राहत मिलेगी।
एसोसिएशन ने राज्य सरकार से पुनः आग्रह किया है कि वह केंद्र सरकार द्वारा अपनाई गई पेंशन पुनरीक्षण की व्यवस्था का गहन अध्ययन और परीक्षण करे, और मध्य प्रदेश में भी 1 जनवरी 2016 से पूर्व सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों एवं उनके आश्रित पारिवारिक पेंशनरों के व्यापक हित में आवश्यक आदेश शीघ्र अति शीघ्र जारी करे। एसोसिएशन का दृढ़ विश्वास है कि इस प्रकार के कदम से न केवल हजारों पेंशनरों को महत्वपूर्ण आर्थिक राहत मिलेगी, बल्कि उनकी एक अत्यंत महत्वपूर्ण और लंबे समय से लंबित मांग का समाधान भी हो सकेगा, जिससे उनके जीवन में स्थिरता और सुरक्षा आएगी।
