MP में पेंशन भुगतान में देरी: सेवानिवृत्त कर्मचारी परेशान, एसोसिएशन ने सरकार को लिखा पत्र
मध्य प्रदेश में सेवानिवृत्त कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों के निराकरण में हो रही देरी से पेंशनर्स परेशान हैं। पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने वित्त विभाग को पत्र लिखकर व्यवस्था सुधारने और लंबित प्रकरणों के शीघ्र निपटारे की मांग की है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 15 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश में सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को अपने पेंशन भुगतान के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। पेंशन प्रकरणों के निराकरण में हो रही कथित देरी को लेकर पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने राज्य के वित्त विभाग और पेंशन, भविष्य निधि एवं बीमा संचालनालय का ध्यान आकर्षित किया है। एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा ने अपर मुख्य सचिव, मध्य प्रदेश शासन वित्त विभाग तथा संचालक, पेंशन भविष्य निधि एवं बीमा, भोपाल को एक पत्र भेजकर लंबित पेंशन प्रकरणों के शीघ्र निराकरण और व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
संगठन का दावा है कि भोपाल सहित प्रदेश के कई जिलों से सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि उनके नए पेंशन प्रकरण कई-कई महीनों से लंबित हैं। इन लंबित प्रकरणों की संख्या सैकड़ों में बताई जा रही है, जिसके कारण सेवानिवृत्ति के बाद नियमित पेंशन प्राप्त करने के लिए कर्मचारियों को अनावश्यक रूप से परेशान होना पड़ रहा है।
नए पेंशन प्रकरणों के लंबित होने से आर्थिक तंगी
एसोसिएशन द्वारा भेजे गए पत्र में बताया गया है कि कई सेवानिवृत्त कर्मचारियों के नए पेंशन प्रकरण तीन से चार माह से लंबित हैं। सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन ही अधिकांश कर्मचारियों की आय का एकमात्र और नियमित स्रोत होती है। ऐसे में पेंशन प्रकरणों के समय पर निराकरण न होने से बुजुर्ग सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सामने गंभीर आर्थिक परेशानियां उत्पन्न हो रही हैं। यह स्थिति उनके लिए दैनिक जीवन-यापन की समस्याएं खड़ी कर रही है, जबकि वे वर्षों तक निष्ठापूर्वक सेवा करने के बाद अपने हक के वित्तीय लाभ की अपेक्षा करते हैं।
पुनरीक्षित पेंशन मामलों में भी देरी
पत्र में पुनरीक्षित पेंशन के मामलों को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई है। एसोसिएशन के अनुसार, 30 जून एवं 1 जनवरी को देय वेतनवृद्धि, सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली पदोन्नति तथा तीसरे और चौथे समयमान के आधार पर पुनरीक्षित पेंशन से संबंधित अनेक प्रकरण अभी भी निराकरण के लिए लंबित हैं। इन प्रकरणों के अटके रहने के कारण पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों को संशोधित पेंशन और उससे जुड़े वित्तीय लाभ समय पर नहीं मिल पा रहे हैं। इसका सीधा असर उनकी आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है, क्योंकि वे इन बढ़ी हुई राशियों के आधार पर अपनी वित्तीय योजनाएं बनाते हैं।
PPO जारी होने के बाद भी बैंक तक जानकारी पहुंचने में विलंब
पेंशनभोगियों की एक अन्य गंभीर समस्या की ओर भी पत्र में ध्यान आकर्षित किया गया है। एसोसिएशन के अनुसार, कुछ कर्मचारियों के पेंशन भुगतान आदेश (PPO) जारी हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद संबंधित जानकारी अथवा प्रकरण बैंक तक पहुंचने में एक से दो माह तक का समय लग रहा है। इस विलंब के कारण PPO जारी होने के बाद भी संबंधित कर्मचारियों को तत्काल पेंशन प्राप्त नहीं हो पा रही है। यह स्थिति और भी चिंताजनक है क्योंकि PPO जारी होना एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जिसके बाद पेंशन शुरू हो जानी चाहिए। इस देरी के कारण पेंशनभोगी न केवल वित्तीय रूप से प्रभावित होते हैं, बल्कि उन्हें अनावश्यक मानसिक तनाव से भी गुजरना पड़ता है।
संचालनालय से जानकारी प्राप्त करने में कठिनाई
एसोसिएशन ने पेंशन प्रकरणों की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त करने में भी कठिनाई होने की बात कही है। पत्र के अनुसार, जब कर्मचारी, उनके प्रतिनिधि अथवा एसोसिएशन के पदाधिकारी लंबित प्रकरणों के संबंध में संचालनालय से संपर्क करते हैं, तो उन्हें कई बार स्पष्ट और सही जानकारी नहीं मिल पाती। इससे पेंशनभोगियों में अपने प्रकरण की स्थिति को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है। एसोसिएशन ने मांग की है कि संचालनालय में ऐसी प्रभावी व्यवस्था स्थापित की जाए, जिसके माध्यम से कर्मचारी, उनके प्रतिनिधि और एसोसिएशन के पदाधिकारी अपने प्रकरण की वर्तमान स्थिति, लंबित रहने के कारण और संभावित निराकरण की समय-सीमा के बारे में स्पष्ट जानकारी प्राप्त कर सकें।
व्यवस्था में सुधार और प्राथमिकता की मांग
जिला अध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा ने पत्र के साथ कुछ लंबित प्रकरणों को उदाहरण के रूप में संलग्न करते हुए अधिकारियों से मामले में गंभीरता से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि पेंशन प्रकरणों के निराकरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाया जाना अत्यंत आवश्यक है। एसोसिएशन ने मांग की है कि तीन से चार माह से लंबित नए पेंशन प्रकरणों, पुनरीक्षित पेंशन मामलों तथा PPO जारी होने के बाद भी बैंक तक लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निराकरण किया जाए। इसके अतिरिक्त, एक ऐसी संपर्क व्यवस्था विकसित की जाए जिससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपने पेंशन प्रकरण की जानकारी के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। यह सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सम्मान और उनकी सुगमता को ध्यान में रखते हुए एक महत्वपूर्ण कदम होगा।
एसोसिएशन का कहना है कि सेवानिवृत्त कर्मचारी वर्षों तक शासन की सेवा करने के बाद अपने वैधानिक पेंशन लाभ के पूर्ण रूप से हकदार होते हैं। इसलिए, उनके पेंशन प्रकरणों का समय पर और सही निराकरण केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सम्मान, आर्थिक सुरक्षा और गरिमा से भी जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है। यह सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है कि जो नागरिक देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर चुके हैं, उन्हें उनके सेवानिवृत्ति लाभ समय पर और बिना किसी बाधा के प्राप्त हों।
