MP में खाद-बीज की पर्याप्त उपलब्धता, सरकार किसानों के हितों की रक्षा को प्रतिबद्ध: सारंग
मध्य प्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने विधानसभा में बताया कि खरीफ सीजन के लिए खाद और बीज का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। अल्प वर्षा की स्थिति की निगरानी की जा रही है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 20 जुलाई 2026
मध्य प्रदेश में खरीफ सीजन के लिए खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर राज्य सरकार ने किसानों को आश्वस्त किया है। सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने विधानसभा में अपने वक्तव्य में कहा कि प्रदेश में उर्वरक और बीज का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और अल्प वर्षा की आशंका के बावजूद किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
मंत्री श्री सारंग ने रेखांकित किया कि मध्य प्रदेश एक कृषि प्रधान राज्य है और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार कृषि क्षेत्र के विकास को नई दिशा प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इस वर्ष को "कृषि कल्याण वर्ष" के रूप में मनाया जा रहा है, जिसके तहत कृषि से जुड़े 16 विभिन्न विभागों को एकीकृत कर किसानों के कल्याणार्थ योजनाओं और गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।
अल्प वर्षा की स्थिति और सरकारी निगरानी
वर्तमान में प्रदेश में अल्प वर्षा की स्थिति बनी हुई है, जिस पर सरकार की पैनी नजर है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में औसत वर्षा में लगभग 16 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। फिलहाल, केवल आलीराजपुर जिले को अल्प वर्षा प्रभावित जिले के रूप में चिन्हित किया गया है। सरकार प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रख रही है और आवश्यक कदम उठाने के लिए तैयार है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अल्प वर्षा की स्थिति की गंभीरता को समझते हुए दो उच्चस्तरीय समीक्षा बैठकें की हैं और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। किसानों तक सटीक और समय पर जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से एक जन-जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
ई-विकास पोर्टल से वितरण में पारदर्शिता
खाद और बीज वितरण व्यवस्था में पूर्ण पारदर्शिता लाने के लिए ई-विकास पोर्टल के माध्यम से निगरानी की जा रही है। सरकार ने खाद की कालाबाजारी और किसी भी प्रकार की अनियमितताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत अब तक 10 लाइसेंस निरस्त किए जा चुके हैं, जबकि 16 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। यह कदम किसानों को गुणवत्तापूर्ण सामग्री उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यूरिया और बीज का पर्याप्त भंडारण
सहकारिता मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि प्रदेश में 5.48 लाख मीट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है और इसकी कोई कमी नहीं है। इसके अतिरिक्त, बीज संघ के माध्यम से बीजों के उत्पादन और वितरण की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। वर्तमान में, 27 लाख मीट्रिक टन बीज का भंडारण उपलब्ध है, जो प्रदेश के किसानों की संपूर्ण जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष प्रदेश में 520 लाख टन अनाज की आवक हुई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत अधिक है। यह आंकड़ा प्रदेश के किसानों की कड़ी मेहनत और कृषि क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलावों का प्रमाण है।
मृदा परीक्षण और फसल बीमा पर जोर
किसानों को बेहतर उत्पादन प्राप्त करने में सहायता करने के लिए वैज्ञानिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्वाइल टेस्ट लैब के माध्यम से अब तक 16 लाख मिट्टी के नमूनों की जांच की जा चुकी है, जिससे किसानों को अपनी भूमि की गुणवत्ता के अनुसार खेती करने में सहूलियत होगी।
वर्ष 2025 में, 11 लाख 54 हजार किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ प्रदान किया गया है। सरकार किसानों को आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
किसान कल्याण के लिए सरकार का संकल्प
श्री सारंग ने कहा कि मध्य प्रदेश खाद्यान्न उत्पादन के क्षेत्र में देश में दूसरे स्थान पर है। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य कृषि को अधिक आधुनिक, लाभकारी और टिकाऊ बनाना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में मध्य प्रदेश कृषि क्षेत्र में पूरे देश के लिए एक अनुकरणीय राज्य के रूप में स्थापित होगा। सरकार किसानों को समय पर खाद, गुणवत्तापूर्ण बीज, तकनीकी सहायता और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रदेश में खाद और बीज की कोई कमी नहीं है और किसानों को किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है और कृषि विकास के माध्यम से प्रदेश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
