MP में ₹8144 करोड़ के निवेश से 9047 एकड़ में बनेंगे 11 नए औद्योगिक पार्क
मध्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए 9,047 एकड़ से अधिक भूमि पर 11 नए औद्योगिक पार्क स्थापित करने की योजना है। इन पार्कों के विकास पर ₹8,144 करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्तावित है, जिसका उद्देश्य निवेशकों के लिए तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना है।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 18 अगस्त 2026
मध्य प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण विस्तार की योजना है, जिसके तहत राज्य भर में 9,047.08 एकड़ भूमि पर 11 नए औद्योगिक पार्क विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं के लिए कुल ₹8,144.35 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देना और निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं प्रदान करना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नई दिल्ली में राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर विकास एवं कार्यान्वयन ट्रस्ट (NICDIT) की एपेक्स मॉनिटरिंग अथॉरिटी की तीसरी बैठक के दौरान राज्य के औद्योगिक विस्तार संबंधी इन प्रस्तावों को प्रस्तुत किया। इन प्रस्तावित पार्कों को 'प्लग-एंड-प्ले' इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ विकसित किया जाएगा, जिसका अर्थ है कि निवेशक सीधे अपनी इकाइयाँ स्थापित कर सकेंगे और परियोजनाओं को शुरू करने में लगने वाले समय को कम कर सकेंगे। यह राज्य में निवेश के अनुकूल माहौल को और मजबूत करेगा।
प्रमुख शहरों में औद्योगिक हब का विकास
इन 11 प्रस्तावित औद्योगिक पार्कों में प्रदेश के विभिन्न महत्वपूर्ण शहर शामिल हैं। इनमें उज्जैन का अवंतिका इंडस्ट्रियल सेंटर, धार का भेंसोला, देवास-शाजापुर का पिपलरावां-पालीकालन, रतलाम का आईआर रतलाम-पलसोड़ी, सीहोर का आष्टा इंडस्ट्रियल क्लस्टर, सागर का मसवासी ग्रांट, गुना का चैनपुरा, ग्वालियर का मोहना, जबलपुर का धरमपुरा, कटनी का सिमरा और रीवा का शिवसागर प्रमुख हैं। इन पार्कों को चिन्हित करने का उद्देश्य क्षेत्रीय औद्योगिक असंतुलन को दूर करना भी है।
विविध उद्योगों पर होगा ध्यान
औद्योगिक पार्कों में फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोबाइल, रिन्यूएबल एनर्जी उपकरण, सेमीकंडक्टर, और आईटी व आईटीईएस जैसे विविध क्षेत्रों के उद्योगों के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। धार के भेंसोला में एक विशेष टेक्सटाइल पार्क विकसित करने की योजना है, जो पीएम मित्र पार्क के विस्तार के रूप में कार्य करेगा। इस कदम से कपड़ा उद्योग की पूरी मूल्य श्रृंखला को एक ही स्थान पर एकीकृत और मजबूत करने में मदद मिलेगी।
कर्मचारियों के लिए बेहतर सुविधाएं
सरकार औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारियों, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा और सुविधाओं को भी प्राथमिकता दे रही है। इन प्रस्तावित पार्कों में डे-केयर सेंटर, सीसीटीवी-आधारित सुरक्षा प्रणाली, स्वास्थ्य सुविधाएं, कैंटीन और हॉस्टल जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित करने की योजना है। यह सुनिश्चित करेगा कि कर्मचारी एक सुरक्षित और सहायक वातावरण में काम कर सकें, जिससे उत्पादकता में वृद्धि होगी।
आर्थिक विकास और रोजगार सृजन का लक्ष्य
इन औद्योगिक पार्कों के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में औद्योगिक गतिविधियों का व्यापक विस्तार होने की उम्मीद है। इससे न केवल बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसरों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी। सरकार का लक्ष्य आधुनिक औद्योगिक बुनियादी ढांचे, निवेश-अनुकूल नीतियों और बेहतर कनेक्टिविटी के माध्यम से मध्य प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश केंद्रों में से एक के रूप में स्थापित करना है। यह पहल केंद्र सरकार की भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) के अनुरूप है, जो देश भर में प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क विकसित करने पर केंद्रित है।
