BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
National

MP में पुलिस पर बढ़ते आपराधिक मामले: राजधानी भोपाल में सबसे ज़्यादा FIR दर्ज, 21 महीनों में 48 पुलिसकर्मी booked

मध्य प्रदेश में पुलिस विभाग की छवि एक बार फिर सवालों के घेरे में है। राज्य के पिछले 21 महीनों के आंकड़े बताते हैं कि...

Dec 3
3 मिनट में पढ़ें
MP में पुलिस पर बढ़ते आपराधिक मामले: राजधानी भोपाल में सबसे ज़्यादा FIR दर्ज, 21 महीनों में 48 पुलिसकर्मी booked

मध्य प्रदेश में पुलिस विभाग की छवि एक बार फिर सवालों के घेरे में है। राज्य के पिछले 21 महीनों के आंकड़े बताते हैं कि सबसे अधिक FIR राजधानी भोपाल के पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज हुई हैं। विधानसभा में दिए गए लिखित जवाब के अनुसार, प्रदेश भर में दर्ज 329 मामलों में से कुल 48 FIR भोपाल के पुलिसकर्मियों पर ही दर्ज की गईं—यानी राज्य के कुल मामलों का करीब 15%


📊 कहाँ-कहाँ दर्ज हुए मामले? आँकड़ों की पूरी तस्वीर

मुख्यमंत्री द्वारा विधानसभा में प्रस्तुत रिपोर्ट के मुताबिक:

शहरपुलिसकर्मियों पर दर्ज FIR
भोपाल48
ग्वालियर27
इंदौर17
जबलपुर9

तीनों बड़े शहरों—ग्वालियर, इंदौर और जबलपुर—में कुल FIR 53 हैं, जबकि अकेले भोपाल में 48 FIR दर्ज होना चिंताजनक माना जा रहा है।


🔍 21 महीनों का कुल आँकड़ा

  • कुल FIR (पुलिसकर्मियों पर): 329

  • जाँच जारी: 61

  • चालान पेश: 259

  • मामले निरस्त: 7

  • स्टे ऑर्डर: 2

यह डेटा 1 जनवरी 2024 से 31 अक्टूबर 2025 के बीच दर्ज मामलों से संबंधित है।

विपक्ष के विधायक और पूर्व गृहमंत्री बाला बच्चन ने यह प्रश्न उठाया था कि नई सरकार बनने के बाद पुलिसकर्मियों पर कितने आपराधिक मामले दर्ज हुए हैं।


⚠️ क्यों बढ़ी चिंता? हालिया घटनाओं ने बढ़ाई सख्ती

CM मोहान यादव की सरकार के गठन (13 दिसंबर 2023) के बाद पुलिस विभाग से जुड़े कई मामलों ने सुर्खियाँ बटोरीं। इनमें सबसे गंभीर मामला सीधी जिले में कथित हवाला नकदी की जब्ती और लूट का रहा।

🚨 Seoni Hawala Case: 6 पुलिसकर्मी गिरफ्तार

  • घटना 8-9 अक्टूबर की रात की।

  • पुलिस टीम ने सूचना के आधार पर एक कार को रोका, जिसमें कथित रूप से ₹3 करोड़ की हवाला राशि थी।

  • आरोप है कि टीम ने रकम जब्त तो की, पर संपूर्ण प्रक्रिया का पालन किए बिना पैसे को अपने वाहनों में भर लिया

  • वरिष्ठ अधिकारियों को बिना बताए थाने पहुँच गए।

  • मामले में SDPO सहित 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई।

इस घटना के बाद CM ने साफ निर्देश दिए कि किसी भी आपराधिक गतिविधि में लिप्त पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।


💼 DSP पर भी दर्ज हुआ मामला

इसी दौरान, 29 अक्टूबर को एक और मामला सामने आया जब पुलिस मुख्यालय की विशेष शाखा में तैनात एक महिला DSP पर अपने परिचित के घर से ₹2 लाख और एक मोबाइल चोरी करने का आरोप लगा। इस मामले में भी FIR दर्ज की गई।


📌 बड़ी तस्वीर: पुलिस जवाबदेही पर उठा गंभीर सवाल

इन लगातार सामने आए मामलों ने तीन महत्वपूर्ण चिंताएँ बढ़ाई हैं:

  1. पुलिस विभाग में बढ़ती अनुशासनहीनता

  2. जनता का भरोसा कमजोर होना

  3. पुलिसिंग में पारदर्शिता और आंतरिक निगरानी की आवश्यकता

विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में FIR दर्ज होना उन संरचनात्मक चुनौतियों की ओर इशारा करता है जिन्हें सुधारने के लिए सरकार और पुलिस प्रशासन को संयुक्त प्रयास करने होंगे।