चोरी और गुम मोबाइलों की रिकवरी दर पर MP में गंभीर सवाल, बढ़ती शिकायतों के बीच पुलिस की सीमित सफलता
मध्य प्रदेश में चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी दर लगातार कम बनी हुई है, जबकि थानों में शिकायतें और संचार साथी (Sanchar...

मध्य प्रदेश में चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी दर लगातार कम बनी हुई है, जबकि थानों में शिकायतें और संचार साथी (Sanchar Saathi) पोर्टल पर ब्लॉकिंग अनुरोध लगातार बढ़ रहे हैं। सितंबर से नवंबर के बीच बड़ी संख्या में फोन ट्रेस तो हुए, लेकिन कुल रिकवरी अभी भी चिंता का विषय है।
🔍 रिकवरी में सीमित सफलता, बढ़ती चुनौतियाँ
राज्य में पुलिस करीब 35% मोबाइल फोन ही वापस दिला पा रही है। सितंबर–नवंबर 2025 के बीच 1,51,497 मोबाइल फोन चोरी या गुम होने की शिकायत पर संचार साथी पोर्टल पर ब्लॉक किए गए। इनमें से 1,00,644 डिवाइस सर्विलांस के जरिए लोकेट किए गए, लेकिन वास्तविक बरामदगी इनसे कहीं कम रही।
अधिकारियों के अनुसार, यह गैप बताता है कि—टेक्निकल ट्रेसिंग संभव होते हुए भी फील्ड-लेवल रिकवरी में कई बाधाएँ हैं।
🛠️ क्यों नहीं मिल पाते चोरी हुए मोबाइल?
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक चोरी की वारदातों में अब एक नया ट्रेंड दिख रहा है—फोन को तुरंत खोलकर उसके पुर्ज़े अलग-अलग बेचना।
DCP (क्राइम ब्रांच) अखिल पटेल ने बताया कि जैसे ही फोन डिसमेंटल होता है, IMEI ट्रैकिंग पूरी तरह निष्प्रभावी हो जाती है। इससे डिजिटल लोकेशन ट्रेस करना लगभग असंभव हो जाता है।
इसके अलावा, कई मामलों में चोरी किए गए फोन राज्य सीमाओं से बाहर या अंतरराज्यीय नेटवर्क के जरिए तस्करी कर दिए जाते हैं, जिससे रिकवरी प्रक्रिया और जटिल हो जाती है।
⚖️ कानूनी स्थिति: मिला हुआ फोन रखना भी अपराध
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी व्यक्ति को कोई गुम/चोरी का मोबाइल मिलता है तो उसे अपने पास रखना कानूनी अपराध है।
ऐसी स्थिति में फोन को निकटतम पुलिस थाने में जमा करना अनिवार्य है।
अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों में इस नियम के प्रति जागरूकता बेहद कम है, जिस कारण रिकवरी दर पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
📊 अन्य राज्यों से तुलना: MP की स्थिति बेहतर, लेकिन सुधार की गुंजाइश
देशभर में मोबाइल रिकवरी के आँकड़े बेहद असमान हैं—
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दिल्ली: रिकवरी दर केवल 3%
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भारतीय रेलवे: 6081 फोन ब्लॉक किए गए, रिकवरी 18%
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लक्षद्वीप: 15 फोन ब्लॉक, रिकवरी 100%
इस तुलना में मध्य प्रदेश की स्थिति बेहतर जरूर है, लेकिन अपराध नेटवर्क के विस्तार और डिजिटल डिवाइस के बढ़ते उपयोग को देखते हुए रिकवरी दर में बड़ा सुधार जरूरी माना जा रहा है।
📱 क्यों महत्वपूर्ण है मोबाइल रिकवरी?
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चोरी हुए मोबाइल फोन कई बार साइबर अपराधों में उपयोग होते हैं।
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गुम या चोरी हुए डिवाइस में नागरिकों के संवेदनशील डेटा, बैंकिंग जानकारी और निजी दस्तावेज मौजूद होते हैं।
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बढ़ती घटनाएँ राज्य में लोक व्यवस्था और टेक्निकल सुरक्षा ढांचे पर भी सवाल खड़े करती हैं।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि चोरी के नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई, पुर्ज़ों के गैरकानूनी बाजार पर नियंत्रण और तेज सर्विलांस सिस्टम से स्थिति बेहतर हो सकती है।
