MP का ₹13,476.94 करोड़ का दूसरा अनुपूरक बजट पेश: लाड़ली बहना, ग्रामीण आवास और कृषि मदों पर बड़ा फोकस
मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में ₹13,476.94 करोड़ का दूसरा अनुपूरक बजट पेश किया। इसमें राजस्व मद में ₹8,448.57 करोड़ और पूंजीगत मद...

मध्य प्रदेश सरकार ने मंगलवार को विधानसभा में ₹13,476.94 करोड़ का दूसरा अनुपूरक बजट पेश किया। इसमें राजस्व मद में ₹8,448.57 करोड़ और पूंजीगत मद में ₹5,028.37 करोड़ का प्रावधान रखा गया है। यह बजट राज्य की सामाजिक कल्याण योजनाओं, ग्रामीण बुनियादी ढांचे और कृषि सुधारों को गति देने पर केंद्रित है।
📌 बजट पेश, गुरुवार को होगी विस्तृत चर्चा
वित्त विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने यह अनुपूरक बजट सदन में प्रस्तुत किया।
विधानसभा सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित बजट पर गुरुवार को तीन घंटे से अधिक की चर्चा व बहस के बाद इसे पारित किया जाएगा।
यह कदम ठीक उसी तरह है जैसा 30 नवंबर को सामने आए एक रिपोर्ट में संकेत दिया गया था कि सरकार दिसंबर के पहले सप्ताह में लगभग ₹14,000 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश करेगी।
📊 कौन-कौन सी योजनाओं को मिला कितना धन?
1. ग्रामीण विकास और आवास — सबसे बड़ा आवंटन
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प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण): ₹4,000 करोड़
यह आवंटन राज्य में ग्रामीण आवास निर्माण की गति बढ़ाने और लंबित लाभार्थियों को मंजूरी देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
2. महिला एवं बाल विकास — लाड़ली बहना पर बड़ा फोकस
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मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023: ₹1,794 करोड़
हाल ही में योजना की मासिक राशि बढ़ाकर ₹1,500 प्रति लाभार्थी की गई है। इस निर्णय से बढ़े वित्तीय बोझ को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त धन उपलब्ध कराया गया है।
3. कृषि और किसानों की आय सुरक्षा
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भावांतर/फ्लैट रेट योजना: ₹500 करोड़
यह राशि उन किसानों को बाजार मूल्य गिरने से सुरक्षा देने के लिए है जिन्हें समय पर उचित मूल्य नहीं मिल पाता।
4. खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति—खरीदी संस्थाओं को सहारा
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खरीदी संस्थाओं को ऋण: ₹2,000 करोड़ (पूंजीगत मद)
यह प्रावधान रबी–खरीफ सीजन में बड़े पैमाने पर होने वाली अनाज खरीद का वित्तीय दबाव कम करेगा।
5. पंचायती राज—स्थानीय निकायों के लिए अनुदान
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स्थानीय निकायों को अनुदान: ₹1,633 करोड़
यह राशि ग्राम पंचायतों, जनपद और जिला पंचायतों को बुनियादी ढांचा सुधार, पेयजल और स्थानीय विकास कार्यों के लिए सीधे सहारा देगी।
6. उद्योग और निवेश प्रोत्साहन
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भूमि अधिग्रहण, सर्वे व सीमांकन: ₹650 करोड़
यह आवंटन औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार और नई निवेश परियोजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने में मदद करेगा।
7. नर्मदा घाटी विकास परियोजनाएँ
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सardar Sarovar Project के प्रभावित क्षेत्रों के लिए: ₹600 करोड़
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बargi Canal Diversion Scheme: ₹200 करोड़
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Indira Sagar Project: ₹94 करोड़
ये प्रावधान सिंचाई क्षमता बढ़ाने और विस्थापित परिवारों के पुनर्वास से जुड़े कार्यों को तेज करेंगे।
8. लोक निर्माण विभाग (PWD)
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भूमि अधिग्रहण मुआवजा: ₹300 करोड़
यह राशि सड़कों एवं बड़े निर्माण कार्यों के लिए भूमि उपलब्ध कराने के मुआवजे हेतु है।
🔍 व्यापक संदर्भ: यह अनुपूरक बजट क्यों महत्वपूर्ण है?
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सामाजिक योजनाओं, विशेषकर लाड़ली बहना, पर राज्य का बढ़ता वित्तीय भार।
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ग्रामीण आवास और सिंचाई परियोजनाओं के लंबित कार्यों को गति देने की आवश्यकता।
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आर्थिक गतिविधियों को पुनर्जीवित करने और निवेश आकर्षित करने की रणनीति।
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वित्तीय वर्ष के मध्य में उभरती प्राथमिकताओं को पूरा करने की जरूरत।
आर्थिक विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बजट राज्य की सामाजिक–आर्थिक प्रतिबद्धताओं का संकेत है, हालांकि इसके साथ वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की चुनौती भी जुड़ी हुई है।
