मोटर ठीक करते समय करंट से क्षेत्र पंचायत सदस्य के बेटे की मौत
फर्रुखाबाद के परमापुर गांव में टिल्लू पंप की मोटर ठीक कर रहे 26 वर्षीय युवक की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई।"

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 7 अगस्त 2026
थाना क्षेत्र के परमापुर गांव में एक हृदयविदारक घटना में, क्षेत्र पंचायत सदस्य हरनाथ सिंह कुशवाहा के 26 वर्षीय पुत्र अमरेश उर्फ भूरे की टिल्लू पंप की मोटर की मरम्मत के दौरान करंट लगने से मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब अमरेश अपने घर में खराब मोटर को ठीक करने का प्रयास कर रहे थे।
अचानक मोटर में बिजली प्रवाहित होने से अमरेश गंभीर रूप से झुलस गए और जमीन पर गिर पड़े। घटना के तुरंत बाद, घबराए हुए परिजनों ने बिजली आपूर्ति बंद की और आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल, डॉ. राम मनोहर लोहिया ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के उपरांत उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मरम्मत के दौरान हुआ हादसा
परमापुर गांव निवासी अमरेश, जो क्षेत्र पंचायत सदस्य हरनाथ सिंह कुशवाहा के पुत्र थे, घर में लगे टिल्लू पंप की खराब मोटर को स्वयं ठीक करने का प्रयास कर रहे थे। इस दौरान, अनजाने में, मोटर में अचानक करंट प्रवाहित हो गया। यह करंट अमरेश के शरीर से गुजरा, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गए और तत्काल जमीन पर गिर पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के समय बिजली की आपूर्ति जारी थी, और अमरेश शायद इस खतरे से अनजान थे।
तत्काल प्रयास और निराशा
घटनास्थल पर मौजूद परिजनों ने जैसे ही यह भयावह दृश्य देखा, वे तुरंत हरकत में आए। बिजली के करंट से अमरेश को बचाने के लिए सबसे पहले उन्होंने अविलंब बिजली की आपूर्ति बंद की। इसके बाद, बिना समय गंवाए, उन्हें तत्काल जिला अस्पताल, डॉ. राम मनोहर लोहिया ले जाया गया। अस्पताल पहुंचने पर, चिकित्सकों की टीम ने तुरंत अमरेश की जांच की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। चिकित्सकों द्वारा मृत्यु की पुष्टि ने परिजनों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया और मातम पसर गया।
परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़
अमरेश की आकस्मिक मृत्यु की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनकी पत्नी अर्चना, छह वर्षीय पुत्र रुद्राक्ष और चार वर्षीय पुत्री सिया का रो-रोकर बुरा हाल है। मां रामश्री सहित पूरा परिवार सदमे में है। अमरेश अपने छह भाई-बहनों में दूसरे नंबर पर थे और परिवार की जिम्मेदारियों को निभाने वाले एक अहम सदस्य थे। उनकी अचानक अनुपस्थिति ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। परिवार के मुखिया के चले जाने से उनके भविष्य की चिंता भी सता रही है।
गांव में शोक की लहर
घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण, रिश्तेदार और शुभचिंतक मृतक के घर पहुंच गए। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई और हर किसी की आंखें नम थीं। क्षेत्र पंचायत सदस्य हरनाथ सिंह कुशवाहा के आवास पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा। इस दुखद घटना ने क्षेत्र में भय और सतर्कता का माहौल भी पैदा कर दिया है, खासकर घरेलू बिजली उपकरणों के उपयोग को लेकर। ग्रामीणों ने बिजली से संबंधित कार्यों में अत्यधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता पर बल दिया है, विशेषकर जब तक कि किसी प्रशिक्षित इलेक्ट्रीशियन द्वारा जांच न की जाए। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने एक बार फिर बिजली के उपकरणों के साथ लापरवाही के गंभीर परिणामों को उजागर किया है।
