मोदीनगर: मां पीताम्बरा बगलामुखी महायज्ञ से पूर्व निकली भव्य कलश यात्रा
गाजियाबाद के तलहेटा में 9 दिवसीय मां पीताम्बरा बगलामुखी महायज्ञ के शुभारंभ से पूर्व रविवार को निकाली गई विशाल कलश यात्रा में हजारों महिलाओं ने भाग लिया।

संवाददाता: दीपक कुमार त्यागी
द क्लिफ न्यूज़ | गाजियाबाद | 13 सितंबर 2026
गाजियाबाद के मोदीनगर स्थित तलहेटा में 9 दिवसीय मां पीताम्बरा बगलामुखी महायज्ञ के शुभारंभ से एक दिन पूर्व रविवार को एक भव्य एवं अलौकिक कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस यात्रा में तलहेटा और आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में माताओं और बहनों ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया, जिसने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय माहौल से सराबोर कर दिया।
महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज के पावन सानिध्य में आयोजित होने वाले इस महायज्ञ की तैयारियों के क्रम में निकली कलश यात्रा सिद्धपीठ श्री टिक्की वाले बाबा मंदिर में संपन्न हुई। यात्रा का प्रारंभ तलहेटा के प्राचीन बड़े मंदिर से हुआ, जहाँ गाँव के सम्मानित व्यक्तियों की उपस्थिति में यज्ञाचार्य श्रीमहंत यति रणसिंहानंद गिरी महाराज, यति रामस्वरूपानंद गिरी महाराज और यति धर्मानंद गिरी महाराज ने पुष्प वर्षा कर इसे हरी झंडी दिखाई।
धार्मिक उत्साह और जयघोष के साथ निकली यात्रा
कलश यात्रा के दौरान ‘जय माँ बगलामुखी’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘टिक्की वाले बाबा की जय’ के जयघोषों से पूरा तलहेटा गूंज उठा। यात्रा में महिलाओं ने अपने सिर पर मंगल कलश धारण कर अत्यंत आस्था और श्रद्धा के साथ सहभागिता की। मार्ग में श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया, जिससे पूरे क्षेत्र में एक गहन धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
महायज्ञ का विवरण और संकल्प
मंदिर के महंत एवं यज्ञाचार्य श्रीमहंत यति रणसिंहानंद गिरी महाराज ने बताया कि माँ पीताम्बरा बगलामुखी महायज्ञ 14 सितंबर से 22 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन प्रातः 9 बजे से 11 बजे तक और सायं 7 बजे से 9 बजे तक विधि-विधानपूर्वक यज्ञ एवं आहुतियाँ संपन्न होंगी। 22 सितंबर को प्रातः 10 बजे महायज्ञ की पूर्णाहुति होगी, जिसके पश्चात प्रातः 11 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
यति रणसिंहानंद गिरी महाराज ने महायज्ञ के आयोजन के पीछे के गहरे संकल्प को स्पष्ट करते हुए कहा कि यह अनुष्ठान समस्त सनातनियों को सद्बुद्धि, विवेक और साहस की प्राप्ति, सनातनी परिवारों की रक्षा, सनातन धर्म के उत्थान व संरक्षण, तथा अधर्म, अन्याय और नकारात्मक शक्तियों के शमन के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने सभी सनातन समाजों से इस महायज्ञ में सहभागी बनने और माँ पीताम्बरा बगलामुखी का आशीर्वाद प्राप्त करने का आह्वान किया, ताकि धर्म एवं समाज के कल्याण के इस आध्यात्मिक संकल्प में उनकी सहभागिता सुनिश्चित हो सके। कलश यात्रा में माताओं-बहनों के अलावा बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा, ग्रामीण, प्रबुद्धजन और गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।
