BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
National

मोदी ने किया वाजपेयी को नमन, सुशासन-जनकल्याण को बताया मार्गदर्शक

प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने वाजपेयी के सुशासन व जनकल्याण के दृष्टिकोण को राष्ट्र निर्माण का मार्गदर्शक बताया।

Few hours ago
5 मिनट में पढ़ें
मोदी ने किया वाजपेयी को नमन, सुशासन-जनकल्याण को बताया मार्गदर्शक

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 16 अगस्त 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी को उनकी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके सुशासन और जनकल्याण के दृष्टिकोण को राष्ट्र को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण मार्गदर्शक बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि वाजपेयी का असाधारण दूरदृष्टि, उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण उन्हें एक महान राजनेता के रूप में स्थापित करता है, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन देश की सेवा के लिए समर्पित कर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर साझा किए गए एक पोस्ट में वाजपेयी के व्यक्तित्व को भारतीय राजनीति में एक विशिष्ट पहचान देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि वाजपेयी ऐसे नेता थे जिन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रीय हित और जनकल्याण को सदैव सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनके विचारों और प्रयासों का प्रभाव न केवल उनके कार्यकाल तक सीमित रहा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहा है।

राष्ट्र निर्माण में वाजपेयी का योगदान

प्रधानमंत्री ने वाजपेयी को 'अद्भुत दूरदृष्टि वाले एक असाधारण राजनेता' के रूप में वर्णित किया, जिन्होंने अपना जीवन राष्ट्र की सेवा में लगा दिया। उनके नेतृत्व ने भारत को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई और उनके विचार व प्रयास पीढ़ियों को प्रेरित करते रहे। वाजपेयी का सुशासन और जनकल्याण पर केंद्रित दृष्टिकोण वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बना हुआ है। उनके द्वारा स्थापित राजनीतिक और प्रशासनिक आदर्श देश को आगे बढ़ाने के लिए मार्गदर्शक बने हुए हैं और भविष्य में भी समाज तथा राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।

अटल बिहारी वाजपेयी का सार्वजनिक जीवन भारतीय लोकतंत्र के एक लंबे और महत्वपूर्ण दौर का साक्षी रहा। उन्होंने तीन बार देश के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला और अपने सहज, प्रभावशाली तथा सर्वसमावेशी राजनीतिक व्यक्तित्व के लिए व्यापक सम्मान प्राप्त किया। उनकी वाकपटुता, दूरदर्शी सोच और विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं के बीच संवाद स्थापित करने की अद्वितीय क्षमता उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती थी।

प्रधानमंत्री मोदी ने वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका नेतृत्व देश को मजबूत बनाने और विकास की दिशा में अग्रसर करने वाला था। उनकी नीतियों में राष्ट्रीय सुरक्षा, बुनियादी ढांचे का विकास, सुशासन, आर्थिक प्रगति और आम नागरिक के कल्याण को विशेष महत्व दिया गया था। यह उनका ही विज़न था जिसने भारत को वैश्विक मंच पर एक मजबूत पहचान दिलाई। परमाणु परीक्षणों के माध्यम से उन्होंने देश की सुरक्षा क्षमता को बढ़ाया और 'पोखरण-II' इसका ज्वलंत उदाहरण है। स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना जैसी महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं ने देश के विभिन्न हिस्सों को जोड़ने का काम किया, जिससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला।

राजनीति राष्ट्रसेवा का माध्यम

प्रधानमंत्री मोदी ने वाजपेयी के राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि उनका नेतृत्व देश को मजबूत बनाने और विकास की दिशा में अग्रसर करने वाला था। उनकी नीतियों में राष्ट्रीय सुरक्षा, बुनियादी ढांचे का विकास, सुशासन, आर्थिक प्रगति और आम नागरिक के कल्याण को विशेष महत्व दिया गया था। वाजपेयी का जीवन यह संदेश देता है कि राजनीति केवल सत्ता प्राप्ति का जरिया मात्र नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा का एक महत्वपूर्ण साधन भी हो सकती है। उन्होंने सार्वजनिक जीवन में विचारों की गरिमा, लोकतांत्रिक संवाद और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने की परंपरा को सुदृढ़ किया।

वाजपेयी जी की सरकार ने 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को अपने कार्यों में समाहित किया था। उन्होंने समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए योजनाएं बनाईं, जिनमें गरीबों के लिए आवास, स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया। उनकी 'प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना' आज भी ग्रामीण भारत के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह योजना गांवों को पक्की सड़कों से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में सहायक सिद्ध हुई है। उन्होंने यह भी सिखाया कि कैसे विभिन्न विचारों वाले दलों को साथ लेकर राष्ट्रहित में निर्णय लिए जा सकते हैं, जो गठबंधन सरकारों के लिए एक मिसाल बनी।

पुण्यतिथि के अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा दी गई श्रद्धांजलि के माध्यम से देश ने एक बार पुनः अटल बिहारी वाजपेयी के अमूल्य योगदान और आदर्शों को याद किया। उनके व्यक्तित्व, उनकी कविताओं, उनके विचारों और राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। अटल जी का सादा जीवन, उच्च विचार और जन-जन से जुड़ने की उनकी क्षमता आज के राजनीतिक परिदृश्य में भी प्रासंगिक है। उन्होंने कभी भी राजनीतिक मतभेदों को व्यक्तिगत संबंधों पर हावी नहीं होने दिया और सदैव एक समावेशी दृष्टिकोण अपनाया।

प्रधानमंत्री ने यह विश्वास व्यक्त किया कि सुशासन और जनकल्याण पर केंद्रित वाजपेयी का दृष्टिकोण देश को निरंतर दिशा प्रदान करता रहेगा। उनके विचारों और राष्ट्रसेवा की भावना को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि सिद्ध होगी। आज के समय में, जब देश अमृत काल से गुजर रहा है, वाजपेयी जी के सिद्धांत - 'जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान' - का महत्व और भी बढ़ जाता है। हमें उनके दिखाए मार्ग पर चलकर एक सशक्त, समृद्ध और सुरक्षित भारत के निर्माण के लक्ष्य को प्राप्त करना है।