मिशन शक्ति: आरक्षी सोनम ने जगाई महिलाओं में सुरक्षा व अधिकारों की अलख
बलरामपुर में महिला आरक्षी सोनम अवस्थी ने मिशन शक्ति अभियान के तहत ग्रामीण महिलाओं को सुरक्षा व कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक किया। पुलिस अधीक्षक...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध प्रताप शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 13 अक्टूबर 2026
बलरामपुर जिले में 'मिशन शक्ति' अभियान के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के प्रयासों को नई दिशा मिली है। महाराजगंज तराई थाना क्षेत्र में तैनात महिला आरक्षी सोनम अवस्थी इस अभियान की एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरी हैं। उन्होंने अपने अथक प्रयासों से ग्रामीण इलाकों में सैकड़ों महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया है। उनके इस कार्य से प्रेरित होकर अब अधिक संख्या में महिलाएं आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस सहायता लेने में संकोच नहीं करतीं और अधिक आत्मविश्वासी महसूस करती हैं।
मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मिशन शक्ति अभियान के छठे चरण के अंतर्गत एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. आरती तिवारी और पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह ने उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला पुलिसकर्मियों, मेधावी छात्राओं और समाज की अन्य सशक्त महिलाओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
सुरक्षा हेल्पलाइन नंबरों की विस्तृत जानकारी
अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में महिलाओं को विभिन्न सुरक्षा संबंधी हेल्पलाइन नंबरों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि छेड़छाड़, घरेलू हिंसा और साइबर अपराध जैसी किसी भी प्रकार की घटना होने पर महिलाएं बिना किसी भय के पुलिस की सहायता ले सकती हैं। इस दौरान महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, महिला हेल्पलाइन 181 और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं के उपयोग के बारे में विस्तृत रूप से समझाया गया।
'मिशन शक्ति' का उद्देश्य और प्रभाव
आरक्षी सोनम अवस्थी जैसे महिला पुलिसकर्मियों का समर्पण समाज में भयमुक्त वातावरण बनाने की दिशा में जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। 'मिशन शक्ति' अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल महिलाओं को सुरक्षित महसूस कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें उनके अधिकारों के प्रति जागरूक कर आत्मनिर्भर बनाना भी है। अधिकारियों ने महिलाओं को उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे समाज में अपनी एक मजबूत पहचान बना सकें।
