मिर्ज़ापुर: प्याज व्यापारी से ₹6.42 लाख की साइबर ठगी, पुलिस ने रकम वापस कराई
मिर्ज़ापुर में प्याज व्यापारी से यूपीआई के माध्यम से हुई ₹6.42 लाख की साइबर ठगी को पुलिस ने सुलझा लिया है। साइबर सेल की टीम ने पूरी राशि पीड़ित के खाते में वापस कराई है।

द क्लिफ न्यूज़ | 3 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जनपद में एक प्याज व्यापारी के साथ हुई 6 लाख 42 हजार रुपये की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने पीड़ित की पूरी रकम वापस करा दी है। यह सफलता थाना अहरौरा की साइबर सेल टीम को मिली है, जिसने तत्परता दिखाते हुए पीड़ित को न्याय दिलाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अहरौरा थाना क्षेत्र के कोइरान बाजार निवासी विनोद कुमार, जो एक सब्जी व्यापारी हैं, ने 27 अगस्त 2026 को साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया कि एक अन्य व्यापारी ने प्याज की खेप भेजने के नाम पर उनसे फोन पर संपर्क किया। विश्वास में आकर विनोद कुमार ने उस व्यापारी के खाते में 6 लाख 42 हजार रुपये की धनराशि यूपीआई के माध्यम से ट्रांसफर कर दी।
ठगी का तरीका और शिकायत
प्याज का सौदा तय होने के बाद, ठग ने पीड़ित को बताया कि प्याज ट्रक से भेजा जा चुका है। इसके बाद, जब पीड़ित को न तो प्याज मिला और न ही कोई संतोषजनक जवाब, तो उसने पैसे वापस मांगने शुरू किए। ठग ने बहाने बनाने शुरू कर दिए और अंततः पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। ठगी का एहसास होने पर, विनोद कुमार ने ऑनलाइन साइबर पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई और सफलता
साइबर ठगी की सूचना मिलते ही, थाना अहरौरा की साइबर सेल टीम ने मामले की जांच शुरू की। मिर्ज़ापुर की पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक ऑपरेशन एवं क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन के नेतृत्व में, साइबर पुलिस टीम ने सक्रियता से कार्रवाई की। जांच के दौरान, टीम ने सफलतापूर्वक ठगी गई पूरी धनराशि, यानी 6 लाख 42 हजार रुपये, पीड़ित विनोद कुमार के खाते में वापस कराने में सफलता प्राप्त की।
पीड़ित की प्रतिक्रिया और जागरूकता
अपनी धनराशि वापस मिलने पर विनोद कुमार ने स्थानीय थाने में उपस्थित होकर मिर्ज़ापुर पुलिस के अधिकारियों और साइबर क्राइम टीम, थाना अहरौरा के सदस्यों की जमकर प्रशंसा की और उन्हें धन्यवाद दिया। इस अवसर पर, पीड़ित को साइबर सेल की ओर से साइबर जागरूकता अभियान के तहत भविष्य में होने वाली ठगी से बचने के तरीकों के बारे में भी जानकारी दी गई। विनोद कुमार ने आश्वासन दिया कि वह दूसरों को भी साइबर ठगी से सावधान रहने के लिए जागरूक करेंगे।
