मीरजापुर: संभावित बाढ़ के मद्देनजर जिलाधिकारी ने बाढ़ चौकियों का किया निरीक्षण
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने तहसील चुनार के बगही गांव और संपर्क मार्ग का निरीक्षण कर बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए।

द क्लिफ न्यूज़ | मीरजापुर | 31 अगस्त 2026
मीरजापुर के जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने संभावित बाढ़ की आशंका के चलते तहसील चुनार के ग्राम बगही और इससे जुड़े संपर्क मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बाढ़ से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों का गहनता से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। जिलाधिकारी का यह दौरा क्षेत्र में जलभराव की स्थिति और संभावित खतरों के प्रति प्रशासन की तत्परता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया गया।
निरीक्षण के दौरान, उप जिलाधिकारी चुनार ने जिलाधिकारी को सूचित किया कि तहसील क्षेत्र में कुल 13 बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है। इस पर जिलाधिकारी ने जोर देते हुए कहा कि संभावित बाढ़ को देखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण कर ली जाएं, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता को पहले से ही सुनिश्चित किया जाए।
राहत शिविरों और पशुधन की सुरक्षा पर विशेष जोर
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से राहत शिविरों में भोजन व्यवस्था को लेकर निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन की पर्याप्त व्यवस्था पहले से तैयार रखी जाए। इसके साथ ही, उन्होंने पशुओं के चारे की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि बाढ़ की स्थिति में पशुधन की सुरक्षा भी प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।
आपदा के समय प्रकाश व्यवस्था की महत्ता को समझते हुए, जिलाधिकारी ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त रखने का निर्देश दिया। उन्होंने पर्याप्त संख्या में टार्च, छाता तथा अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध रखने को कहा। इसके अतिरिक्त, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए नावों की व्यवस्था भी पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
शिथिलता बर्दाश्त नहीं, आपसी समन्वय पर बल
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़े शब्दों में हिदायत दी कि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए बाढ़ से निपटने की तैयारियों को पूर्ण करने का आग्रह किया। जिलाधिकारी ने बाढ़ चौकियों पर तैनात कार्मिकों की जिम्मेदारियों को स्पष्ट रूप से निर्धारित करने और बाढ़ चौकियों पर आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता की नियमित रूप से जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य संभावित बाढ़ की स्थिति में जन-धन की क्षति को न्यूनतम करना है। इस क्रम में, उन्होंने ग्रामीणों से भी वार्ता की और पूर्व में आई बाढ़ के दौरान प्रभावित होने वाले गांवों के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से सतर्क रहने तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की।
सतत निगरानी और त्वरित कार्रवाई पर ध्यान
जिलाधिकारी ने संभावित बाढ़ के मद्देनजर ग्रामीण क्षेत्रों में सतत निगरानी बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बाढ़ से संबंधित किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बाढ़ चौकियों पर आवश्यक उपकरण एवं संसाधन उपलब्ध रखने के साथ-साथ कार्मिकों की सक्रियता सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
जिलाधिकारी ने पुनः इस बात पर जोर दिया कि सभी तैयारियां बाढ़ आने के बाद नहीं, बल्कि उससे पहले पूरी होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को संभावित बाढ़ को लेकर किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। साथ ही, ग्रामीणों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को तत्काल सूचना दें। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों से क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और संवेदनशील स्थानों के बारे में भी जानकारी ली। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों में स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग के निर्देश दिए।
शासन की मंशा के अनुरूप राहत वितरण
जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया कि प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है तथा संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित होने वाले संभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखते हुए ग्रामीणों से संपर्क बनाए रखें। जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप आपदा के समय प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति तक समय से राहत एवं आवश्यक सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा करते हुए कमियों को तत्काल दूर किया जाए।
इस निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, उप जिलाधिकारी चुनार अनेग सिंह, तहसीलदार चुनार, ग्राम प्रधान बगही रेशू पटेल सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
