मीरजापुर में युवा उद्यमी योजना की डीएम ने की समीक्षा, ऋण वितरण में तेजी के निर्देश
मीरजापुर के जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को लक्ष्य के अनुरूप ऋण स्वीकृति व वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए।

संवाददाता: शशि भूषण दूबे कंचनीय एवं संतोष यादव डंगहर
द क्लिफ न्यूज़ | मीरजापुर | 3 सितंबर 2026
मीरजापुर के जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना की जनपद स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस महत्वपूर्ण बैठक में योजना की प्रगति, ऋण स्वीकृति, ऋण वितरण, लंबित आवेदनों के निस्तारण और पात्र युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयासों की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना के लक्ष्य को पूरा करने के लिए ऋण स्वीकृति और वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को केवल रोजगार मांगने वाला बनाने के बजाय रोजगार सृजित करने वाला बनाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रत्येक पात्र युवक एवं युवती को समयबद्ध तरीके से योजना का लाभ सुनिश्चित करना सभी संबंधित विभागों और बैंक अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि योजना के तहत प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों का गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी तरीके से परीक्षण किया जाए और किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। पात्र अभ्यर्थियों के आवेदन निर्धारित समय सीमा के भीतर स्वीकृत कर ऋण वितरण की प्रक्रिया को पूर्ण कराने पर बल दिया गया।
बैंकवार प्रगति और लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण
जिलाधिकारी ने बैंकवार प्रगति की गहन समीक्षा की और अधिकारियों से लक्ष्य के सापेक्ष उनकी उपलब्धियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उन बैंक शाखाओं पर विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए जहां आवेदन लंबित हैं, ताकि उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैंक अधिकारी किसी भी आवेदक को बार-बार चक्कर लगाने के लिए विवश न करें। यदि किसी आवेदन में कोई कमी पाई जाती है, तो संबंधित अभ्यर्थी को तत्काल सूचित किया जाए और निर्धारित समय के भीतर उस कमी को दूर किया जाए।
जिलाधिकारी ने सभी बैंक अधिकारियों को सूचित किया कि उनके बैंकों में वर्तमान में 662 आवेदन लंबित हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि जो आवेदन निस्तारण योग्य हैं, उनका तत्काल निस्तारण किया जाए। साथ ही, जिन आवेदनों में कुछ कमियां हैं, उनकी एक सूची बनाकर एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने उद्योग विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया कि बैंकों द्वारा अस्वीकृत किए गए आवेदनों में पाई गई कमियों को दूर कर उन्हें पुनः बैंकों को भेजा जाए। प्रबंधक लीड बैंक को भी निर्देशित किया गया कि लंबित सभी आवेदनों की बैंकवार और क्लस्टरवार सूची तैयार कर प्रस्तुत की जाए, ताकि उनके निस्तारण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
जागरूकता अभियान और ग्रामीण-शहरी शिविरों पर जोर
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को स्वरोजगार स्थापित करने के बेहतर अवसर प्रदान कर रही है। इस संदर्भ में, सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए अधिक से अधिक पात्र युवाओं को इस योजना से जोड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने उद्योग विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि पूरे जिले में एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि अधिक से अधिक युवा इस योजना के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें और आवेदन कर सकें। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित करने का सुझाव दिया, जहाँ पात्र युवाओं को आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और योजना के लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी जा सके। उनका कहना था कि किसी भी पात्र व्यक्ति को जानकारी के अभाव में इस महत्वपूर्ण योजना से वंचित नहीं रहना चाहिए।
योजना का आर्थिक विकास में महत्व
बैठक के दौरान, जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे व्यक्तिगत स्तर पर ऐसे मामलों की निगरानी करें और उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी विभागों को नियमित रूप से अपनी प्रगति की समीक्षा करने और प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने का आदेश दिया। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि शासन की मंशा के अनुरूप समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
श्री गंगवार ने यह भी रेखांकित किया कि स्वरोजगार आधारित योजनाएं जिले के आर्थिक विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इन योजनाओं से युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे और यह उद्यमिता को नई गति प्रदान करेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लाभार्थियों का चयन पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया जाए और योजना के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में योजना के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के उद्यमों की स्थापना के लिए प्राप्त आवेदनों की स्थिति, बैंकवार स्वीकृति, ऋण वितरण और लंबित मामलों पर विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से बैंक शाखाओं के साथ समन्वय बैठकें आयोजित करने और लंबित प्रकरणों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जाना चाहिए, ताकि जिले में नए उद्यम स्थापित हो सकें और रोजगार के नए अवसर सृजित हो सकें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, सहायक आयुक्त उद्योग रेशमा आरा, प्रबंधक लीड बैंक आनंद कुमार झा सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
