मीरजापुर में एक करोड़ से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की सीएमआईएस पोर्टल पर समीक्षा
मीरजापुर में एक करोड़ रुपये से अधिक की निर्माणाधीन और पूर्ण परियोजनाओं की जिलाधिकारी ने सीएमआईएस पोर्टल पर विस्तृत समीक्षा की।

संवाददाता: शशिभूषण दुबे कंचनीय/ रोमेश रंजन दुबे
द क्लिफ न्यूज़ | मीरजापुर | 29 अगस्त 2026
मीरजापुर में एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन और पूर्ण परियोजनाओं की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने कलेक्ट्रेट सभागार में एक विस्तृत समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में सीएमआईएस (केंद्रीकृत परियोजना प्रबंधन सूचना प्रणाली) पोर्टल पर प्रदर्शित विकास कार्यों, क्रिटिकल गैप्स तथा पूर्वांचल निधि योजना के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों का बिंदुवार मूल्यांकन किया गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विकास परियोजनाएं समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी ढंग से पूरी हों, तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में विभिन्न विभागों की परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति, वित्तीय एवं भौतिक प्रगति, और अवशेष कार्यों की जानकारी प्राप्त की गई। जिन परियोजनाओं में अपेक्षित गति से कार्य नहीं चल रहा था, वहां संबंधित अधिकारियों से विलंब के कारणों पर जवाब मांगा गया और उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने के लिए कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सीएमआईएस पोर्टल पर परियोजनाओं की अद्यतन और सही जानकारी नियमित रूप से अपलोड की जानी चाहिए, ताकि प्रगति की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित हो सके।
विकास कार्यों में आने वाली बाधाओं का त्वरित समाधान
क्रिटिकल गैप्स के तहत लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए, जिलाधिकारी ने विकास कार्यों में आने वाली बाधाओं के त्वरित समाधान पर जोर दिया। उन्होंने भूमि उपलब्धता, तकनीकी स्वीकृति, उपयोगिता स्थानांतरण और अन्य प्रशासनिक अड़चनों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि परियोजनाओं की गति प्रभावित न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि इन बाधाओं का निवारण विकास कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पूर्वांचल निधि योजना और गुणवत्ता पर जोर
पूर्वांचल निधि योजना के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा के दौरान, जिलाधिकारी ने कहा कि यह योजना क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से विशेष महत्व रखती है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि स्वीकृत कार्यों को गुणवत्ता मानकों के अनुरूप समय से पूरा कराया जाए और प्रत्येक परियोजना की नियमित निगरानी रखी जाए। जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को चेतावनी दी कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यदि निरीक्षण के दौरान किसी परियोजना में मानकविहीन कार्य पाया गया, तो संबंधित संस्था और उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पूर्ण हो चुकी परियोजनाओं की औपचारिकताएं शीघ्र पूरी हों
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि जिन परियोजनाओं का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, उनकी उपयोगिता प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूरी की जाएं, ताकि उनका लाभ आम जनता को शीघ्र मिल सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक परियोजना की नियमित फील्ड मॉनिटरिंग की जाए और निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों का तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए। यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि विकास कार्यों की वास्तविक प्रगति धरातल पर दिखाई दे और जनता को योजनाओं का लाभ समय पर मिले।
सामूहिक जिम्मेदारी और जवाबदेही
जिलाधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आह्वान किया और कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जिले में विकास परियोजनाओं को गति देना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी गंभीरता और जवाबदेही के साथ करने को कहा, ताकि मीरजापुर विकास की नई ऊंचाइयों को छू सके।
10 सितंबर 2026 तक परियोजनाएं पूर्ण करने का लक्ष्य
बैठक के अंत में, जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि जो भी निर्माणाधीन परियोजनाएं हैं, उन्हें 10 सितंबर 2026 तक पूर्ण कराएं। यदि किसी परियोजना का कार्य निर्धारित तिथि तक पूर्ण होना संभव न हो, तो शासन में पत्राचार कर इसकी अवधि बढ़वाई जाए और पोर्टल पर भी इसकी अद्यतन जानकारी अपलोड की जाए।
अनुपस्थित अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और पैक्स फेड के अनुपस्थित रहने पर, जिलाधिकारी ने दोनों के विरुद्ध स्पष्टीकरण मांगने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी बाबू लाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी और कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
