मीरजापुर में 2 महीने लागू रहेगी धारा 163, जानिए वजह
मीरजापुर में 2 सितंबर से 31 अक्टूबर 2026 तक धारा 163 लागू। आगामी पर्वों, जयंती समारोहों व वीआईपी आगमन के मद्देनजर अपर जिला मजिस्ट्रेट ने शांति व्यवस्था हेतु आदेश जारी किया।

संवाददाता: शशि भूषण दूबे कंचनीय वरिष्ठ पत्रकार
द क्लिफ न्यूज़ | मीरजापुर | 2 सितंबर 2026
उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से धारा 163 लागू कर दी गई है। यह आदेश अपर जिला मजिस्ट्रेट विनोद कुमार सिंह द्वारा जारी किया गया है, जो 2 सितंबर 2026 से प्रभावी होकर 31 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगा। इस अवधि में जनपद के संपूर्ण क्षेत्र को इसके दायरे में रखा गया है।
यह कदम आगामी महत्वपूर्ण पर्वों और जयंती समारोहों के दौरान शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। इन आयोजनों में जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, विश्वकर्मा पूजा, अनंत चतुर्दशी, गांधी जयंती, महाराजा अग्रसेन जयंती, शारदीय नवरात्र मेला-2026, दशहरा, महर्षि वाल्मीकि जयंती, सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती और आचार्य नरेंद्र देव जयंती शामिल हैं। इन अवसरों पर किसी भी प्रकार के धरना-प्रदर्शन, सभाओं या वीआईपी आगमन के दौरान व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
सुरक्षा और शांति व्यवस्था के लिए निर्देश
अपर जिला मजिस्ट्रेट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि इस धारा के लागू होने का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार की अशांति या उपद्रव को रोकना है। लोगों को शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। इस आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
इस महत्वपूर्ण अवधि के दौरान, जिले में किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस, धरना-प्रदर्शन या सार्वजनिक समारोहों के आयोजन के लिए संबंधित अधिकारियों से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। यह सुनिश्चित करेगा कि ऐसे आयोजनों के कारण कानून और व्यवस्था की स्थिति प्रभावित न हो। वीआईपी आगमन के मद्देनजर भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जाएगी, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह उपाय केवल जनहित में और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए है।
उल्लंघन पर कार्रवाई का प्रावधान
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत जारी किए गए इस आदेश का उल्लंघन भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अंतर्गत एक दंडनीय अपराध माना जाएगा। इसलिए, प्रशासन ने नागरिकों से आदेशों का कड़ाई से पालन करने की अपेक्षा की है। धारा 163, जो अब दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 का स्थान लेती है, आपातकालीन परिस्थितियों में या संभावित खतरे की आशंका होने पर आदेश जारी करने की शक्ति प्रदान करती है।
यह धारा प्रशासन को किसी विशेष क्षेत्र में भीड़ इकट्ठा होने, हथियारों के साथ घूमने या किसी ऐसी गतिविधि में शामिल होने से रोकने का अधिकार देती है, जो शांति और व्यवस्था के लिए खतरा पैदा कर सकती है। मीरजापुर जनपद में, इस धारा को विशेष रूप से त्योहारों और जयंती समारोहों से जुड़े संभावित जोखिमों को ध्यान में रखते हुए लागू किया गया है। प्रशासन का उद्देश्य इन आयोजनों को निर्विघ्न संपन्न कराना और सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जेल और जुर्माना दोनों शामिल हो सकते हैं।
