मीरजापुर: जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित चुनार का किया निरीक्षण, राहत कार्यों की समीक्षा
जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने चुनार के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य शिविरों का जायजा लिया और अधिकारियों को राहत सामग्री वितरण में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए।

संवाददाता: शशि भूषण दूबे कंचनीय वरिष्ठ पत्रकार एवं रोमेश रंजन दूबे
द क्लिफ न्यूज़ | मीरजापुर | 4 सितंबर 2026
मीरजापुर जनपद के चुनार क्षेत्र में गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण उत्पन्न बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।
जिलाधिकारी का सबसे पहला पड़ाव नगर पालिका क्षेत्र के मोहल्ला जगदीशपुर उर्फ टम्मलगंज था, जहाँ बाढ़ के चलते लोगों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। इस मोहल्ले में लगाए गए एक स्वास्थ्य शिविर में उन्होंने मरीजों के स्वास्थ्य की जांच का भी जायजा लिया। उपस्थित चिकित्सक डॉ. धर्मेश यादव ने जिलाधिकारी को बताया कि शिविर में अब तक 32 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें आवश्यक उपचार और दवाइयां प्रदान की गई हैं। जिलाधिकारी ने दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को मिल रही अन्य सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सक को बाढ़ के दौरान फैलने वाली बीमारियों के प्रति विशेष सतर्कता बरतने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया।
बाढ़ से प्रभावित इलाकों में जनजीवन की स्थिति
निरीक्षण के दौरान, जगदीशपुर मोहल्ले के सभासद प्रतिनिधि अशोक पाल, सभासद पूजा पाल, अशोक श्रीवास्तव, बुधराम चौहान और अन्य स्थानीय निवासियों ने जिलाधिकारी के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने बताया कि टम्मलगंज से तहसील, अस्पताल और बाजार तक पहुंचने का यही एकमात्र मुख्य मार्ग है, जो प्रत्येक वर्ष गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण अवरुद्ध हो जाता है। इस स्थिति में, स्थानीय लोगों को नावों के सहारे आवागमन करना पड़ता है, जिससे उन्हें अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों ने रपटा पर पुल निर्माण की चल रही प्रक्रिया के बारे में भी जिलाधिकारी को अवगत कराया। इस पर जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि पुल निर्माण का कार्य शासन स्तर से बजट स्वीकृत होने के पश्चात प्राथमिकता के आधार पर प्रारंभ कर दिया जाएगा। यह पुल न केवल बरसात के मौसम में बल्कि साल भर आवागमन को सुगम बनाएगा, जिससे क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी।
बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत और पुनर्वास
इसके पश्चात, जिलाधिकारी ने समसपुर गांव स्थित बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का भी दौरा किया। उन्होंने उपजिलाधिकारी चुनार, अनेग सिंह, को निर्देशित किया कि बाढ़ से किसी भी नागरिक को कोई परेशानी न हो। यदि कोई भी समस्या उत्पन्न होती है, तो तत्काल उसकी सूचना दी जाए और बाढ़ पीड़ितों की हर संभव सहायता की जाए। उन्होंने बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों की उपस्थिति और वहां उपलब्ध राहत सामग्री की भी जानकारी ली। जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को कड़े शब्दों में निर्देश दिया कि बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक परिवार तक राहत सामग्री पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचाई जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों पर निरंतर नजर बनाए रखें और किसी भी समस्या के उत्पन्न होने पर उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में जिला प्रशासन हर नागरिक के साथ पूरी मुस्तैदी से खड़ा है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी ज़रूरतमंद व्यक्ति सहायता से वंचित न रह जाए, अधिकारियों को प्रत्येक घर का सर्वेक्षण करने और उनकी वास्तविक आवश्यकताओं की पहचान करने का भी निर्देश दिया गया।
पशुओं के चारे और बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था
जिलाधिकारी ने इस बात पर भी विशेष जोर दिया कि बाढ़ प्रभावित गांवों में पशुओं के लिए हरे और सूखे चारे की पर्याप्त व्यवस्था तत्काल कराई जाए। साथ ही, पशुओं के लिए आवश्यक टीकों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने रात के समय बाढ़ चौकियों और राहत शिविरों में पर्याप्त प्रकाश (लाइटिंग) की व्यवस्था करने और नावों की सुरक्षा के लिए उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीणों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल की आपूर्ति और स्वच्छता बनाए रखने के लिए भी विशेष उपाय करने को कहा, ताकि बीमारियों का फैलाव रोका जा सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आगाह करते हुए स्पष्ट किया कि बाढ़ क्षेत्र में चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था का जायजा और विद्युत आपूर्ति में सुधार के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी का ध्यान एक महत्वपूर्ण सुरक्षा मुद्दे पर गया, जब उन्होंने लटक रहे हाई टेंशन (एचटी) लाइन के जर्जर तारों को देखा। यह स्थिति किसी भी क्षण दुर्घटना का कारण बन सकती थी, विशेषकर बाढ़ के पानी के कारण। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, उन्होंने तत्काल अधिशासी अभियंता विद्युत को फोन कर जर्जर तारों को दुरुस्त कराने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी घटना को टाला जा सके। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों से कहा कि ऐसे सभी जर्जर तार जो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों या आबादी वाले इलाकों के ऊपर से गुजर रहे हैं, उनकी तत्काल जांच और मरम्मत की जानी चाहिए। इस दौरान उपजिलाधिकारी चुनार अनेग सिंह, तहसीलदार और अन्य संबंधित अधिकारी जिलाधिकारी के साथ उपस्थित रहे। उन्होंने सभी से समन्वय बनाए रखने और सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान करने की भी अपेक्षा की।
