मीरजापुर: गोवंश तस्करी में एक गिरफ्तार, मैजिक वाहन सीज
मीरजापुर के अहरौरा थाना पुलिस ने मैजिक वाहन से क्रूरतापूर्वक वध के लिए ले जाए जा रहे चार गोवंश बरामद कर एक तस्कर को गिरफ्तार किया है।

द क्लिफ न्यूज़ | मीरजापुर | 29 अगस्त 2026
मीरजापुर जनपद में अपराध की रोकथाम और अपराधियों की धरपकड़ के साथ-साथ गो-तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अहरौरा थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने मैजिक वाहन पर क्रूरतापूर्वक बांधकर वध के लिए ले जाए जा रहे चार गोवंशों को बरामद करते हुए एक शातिर गो-तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मीरजापुर, अपर्णा रजत कौशिक के सख्त निर्देशों के अनुपालन में की गई।
जनपद में हो रही गो-तस्करी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस अधीक्षक ने सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया था कि गो-तस्करी में लिप्त अभियुक्तों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाए। इसी क्रम में, क्षेत्राधिकारी ऑपरेशन के नेतृत्व में अहरौरा थाना पुलिस की एक टीम ने मुखबिर की सूचना पर भुडकुड़ा पौनी बैरियर नहर पुलिया के पास से एक मैजिक वाहन को रोका। वाहन की तलाशी लेने पर पुलिस ने पाया कि उसमें क्रूरतापूर्वक चार गोवंशों को बांधकर वध स्थल ले जाया जा रहा था।
गोवंश तस्कर गिरफ्तार, वाहन सीज
पुलिस ने मौके से वाहन चालक परमेश्वर (पुत्र शिवनारायण, निवासी भोगांव, थाना चील्ह, जनपद मीरजापुर), जिसकी उम्र लगभग 23 वर्ष है, को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, मैजिक वाहन का नंबर UP66AT6559 है। हालांकि, पुलिस की घेराबंदी से पहले मोटरसाइकिल सवार दो अन्य व्यक्ति मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
गिरफ्तारी और बरामदगी के संबंध में, थाना अहरौरा में मु.अ.सं. 177/2026 के तहत गोवध निवारण अधिनियम की धारा 3/5ए/8 और पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 के तहत मामला पंजीकृत किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त परमेश्वर को नियमानुसार विधिक कार्यवाही के बाद न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। वहीं, गोवंशों की तस्करी में प्रयुक्त मैजिक वाहन संख्या UP66AT6559 को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के तहत सीज कर दिया गया है।
पुलिस टीम की कार्रवाई
इस सफल गिरफ्तारी और बरामदगी करने वाली पुलिस टीम में उप निरीक्षक धनुषधारी पाण्डेय, चौकी प्रभारी इमिलियाचट्टी, अहरौरा, मय अपनी पुलिस टीम शामिल थी। यह कार्रवाई क्षेत्र में गोवंश की सुरक्षा और अवैध वध पर रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पुलिस अधीक्षक ने इस कार्रवाई के लिए टीम की सराहना की है और भविष्य में भी इस तरह की सख्ती जारी रखने का निर्देश दिया है।
