मेयर उमेश गौतम का कांग्रेस पर हमला, संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना अनुचित
बरेली के मेयर उमेश गौतम ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं...

बरेली उत्तर प्रदेश | संवाददाता: इज़हार आलम
द क्लिफ न्यूज़ | बरेली | 28 सितंबर 2026
बरेली में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान मेयर उमेश गौतम ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि वे अपनी संगठनात्मक और राजनीतिक कमजोरियों को छिपाने के लिए संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बना रहे हैं। मेयर गौतम ने कहा कि जब विपक्ष को चुनाव परिणामों में मनमाफिक सफलता नहीं मिलती, तो वे चुनाव आयोग की निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने इस आचरण को लोकतांत्रिक मर्यादा के विरुद्ध बताया और जोर दिया कि राजनीतिक बहस हमेशा तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए।
मेयर उमेश गौतम ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए सवालों पर कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग एसआईआर पर अपना पक्ष पहले ही रख चुका है। मेयर का दावा है कि एसआईआर सहित चुनाव आयोग के सभी नीतिगत निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। ऐसे में, बिना किसी ठोस आधार के राजनीतिक आरोप लगाना अनुचित और अवांछित है। उन्होंने विपक्ष को सलाह दी कि उन्हें चुनाव आयोग के फैसलों पर चर्चा करते समय तथ्यात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए, न कि निराधार दावे करने चाहिए।
प्रशासनिक मामलों का राजनीतिकरण का आरोप
कैबिनेट सचिव को भेजे गए एक पत्र के मामले में भी मेयर उमेश गौतम ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस प्रशासनिक मामले को एसआईआर नीति से जोड़ने का एक प्रयास किया गया, जबकि यह केवल प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की कार्यप्रणाली से संबंधित एक सामान्य विषय था। मेयर ने कहा कि प्रशासनिक मामलों को राजनीतिक रंग देना जनता को गुमराह करने का एक तरीका मात्र है। इसके अलावा, फॉर्म-6 और घोषणा-पत्र से जुड़ी आपत्तियों पर उन्होंने उच्चतम न्यायालय के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि मतदाता सूची से संबंधित कानूनी पहलुओं को समझना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पात्र नागरिकों को मताधिकार से जोड़ने पर जोर
मेयर उमेश गौतम ने इस बात पर विशेष बल दिया कि एक मजबूत और जीवंत लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत, बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) घर-घर जाकर फॉर्म एकत्र कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, रैन बसेरों और श्रमिक बस्तियों जैसे स्थानों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि वहां रहने वाले बेघर और वंचित लोगों को भी मतदाता सूची में शामिल किया जा सके। मेयर का मानना है कि शासन और प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य सभी पात्र नागरिकों को चुनावी प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल करना है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और संस्थाओं के मनोबल पर बयानबाजी की निंदा
प्रेस वार्ता के दौरान मेयर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के विभिन्न पुराने बयानों का भी उल्लेख किया। उन्होंने ईवीएम, राफेल लड़ाकू विमान सौदे, सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और तवांग झड़प जैसी घटनाओं पर कांग्रेस की ओर से की गई बयानबाजी का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी लगातार राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों और संवैधानिक संस्थाओं के मनोबल को गिराने वाली भाषा का प्रयोग करती रही है। मेयर ने अंत में यह अपील की कि विपक्ष को सरकार और संस्थाओं से सवाल पूछने का पूरा अधिकार है, लेकिन इन गंभीर चर्चाओं और बहसों में तथ्यों का ध्यान रखना सर्वोपरि है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में विपक्ष सकारात्मक और जिम्मेदार राजनीति को प्राथमिकता देगा, क्योंकि तथ्यों से परे जाकर आरोप लगाना लोकतंत्र के स्वास्थ्य के लिए कतई उचित नहीं है। इस प्रेस वार्ता में भाजपा जिलाध्यक्ष सोमपाल शर्मा, आंवला जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह और महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।
