मेरठ सर्पदंश हत्याकांड: पत्नी और प्रेमी को मौत की सजा
मेरठ की अदालत ने अमित कश्यप हत्याकांड में उसकी पत्नी रविता और प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। दोनों को हत्या और साक्ष्य...

मेरठ | संवाददाता: ललित दुबे
द क्लिफ न्यूज़ | मेरठ | 16 अक्टूबर 2026
मेरठ के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबरपुर सादात गांव में चर्चित अमित कश्यप हत्याकांड में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने एक बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने अमित की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को अमित की हत्या और साक्ष्य मिटाने के जुर्म में मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए यह कठोर निर्णय दिया है।
यह सनसनीखेज मामला 13 अप्रैल 2025 को सामने आया था, जब अमित कश्यप का शव उसके बिस्तर पर मिला था। उसके शरीर पर सांप के काटने के निशान थे और शव के नीचे एक जिंदा घोड़ा पछाड़ सांप दबा हुआ मिला था। तत्कालीन समय में पत्नी रविता ने इसे सर्पदंश से हुई मौत बताया था। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना बताया गया, जिससे मामले ने नया मोड़ ले लिया।
साजिश का खुलासा और मृत्युदंड का फैसला
प्रारंभिक जांच और बाद में पुलिस की तफ्तीश में यह बात सामने आई कि अमित की हत्या दम घोंटकर की गई थी। इसके पीछे अमित की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप की साजिश थी। दोनों के बीच प्रेम संबंध थे और अमित उनकी राह का रोड़ा बन रहा था। इस बाधा को दूर करने के लिए दोनों ने मिलकर अमित की हत्या की योजना बनाई।
पुलिस जांच में यह भी पता चला कि हत्या को सर्पदंश का रूप देने के लिए अमरदीप ने एक सपेरे से एक हजार रुपये में घोड़ा पछाड़ सांप खरीदा था। हत्या के बाद सांप को अमित के शव के पास बिस्तर पर छोड़ दिया गया था, ताकि यह लगे कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई है। जांच के दौरान रविता और अमरदीप के बीच 24 घंटे में 51 बार फोन पर हुई बातचीत के साक्ष्य भी मिले, जो उनके संबंधों और साजिश की ओर इशारा कर रहे थे।
12 गवाहों की गवाही के आधार पर सजा
अमित के भाई मोनू कश्यप ने 16 अप्रैल 2025 को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल 12 गवाह पेश किए। इन गवाहों में डॉक्टर, वह सपेरा जिससे सांप खरीदा गया था, और पुलिस अधिकारी शामिल थे, जिन्होंने घटना की जांच की थी। सभी साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और वैज्ञानिक प्रमाणों पर गहन विचार-विमर्श के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयवीर सिंह नागर की अदालत ने रविता और अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई। मृतक अमित की मां मुनेश देवी ने भी अदालत से दोषियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए न्याय सुनिश्चित किया।
