मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के विखंडन पर जबलपुर में आक्रोश, कांग्रेस ने की दखल की मांग
जबलपुर मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के प्रस्तावित विखंडन और उज्जैन स्थानांतरण की खबरों से कांग्रेस नाराज है। युवा कांग्रेस ने विधायक को ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

द क्लिफ न्यूज़ | जबलपुर | 8 अगस्त 2026
मध्यप्रदेश की जबलपुर स्थित मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के प्रस्तावित विखंडन और इसके महत्वपूर्ण कार्यों को उज्जैन स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं ने शहरवासियों में चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, युवा कांग्रेस ने जबलपुर के पाटन विधानसभा से वरिष्ठ विधायक श्री अजय विश्नोई को एक ज्ञापन सौंपकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष अमित सोनकर के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि जबलपुर की मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं, बल्कि पूरे महाकौशल क्षेत्र की वर्षों की मेहनत, संघर्ष और आकांक्षाओं का परिणाम है। इस विश्वविद्यालय की स्थापना का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करना और जबलपुर को इसका केंद्रीय केंद्र बनाना था। इसलिए, विश्वविद्यालय के अधिकारों, कार्यों या संरचना को कमजोर करने वाला कोई भी कदम जबलपुर और पूरे महाकौशल क्षेत्र के हितों पर एक गंभीर आघात होगा।
संस्थानों के स्थानांतरण पर उठते सवाल
कांग्रेस ने जबलपुर से महत्वपूर्ण संस्थानों के क्रमिक रूप से कमजोर होने या अन्य शहरों में स्थानांतरित होने की घटनाओं पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यकाल में पहले डेयरी साइंस कॉलेज को जबलपुर से उज्जैन स्थानांतरित किया गया था, और अब मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी को लेकर सामने आ रही खबरें शहरवासियों की चिंता को और बढ़ा रही हैं। कांग्रेस ने सवाल उठाया है कि जबलपुर को प्रदेश की महत्वपूर्ण शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थाओं का केंद्र बनाने के बजाय, यहाँ स्थापित संस्थाओं के अधिकार और कार्य दूसरे शहरों में क्यों स्थानांतरित किए जा रहे हैं? क्या जबलपुर के विकास और उसके संस्थागत महत्व को लगातार कम करना उचित है?
जनप्रतिनिधियों से एकजुटता की अपील
कांग्रेस ने जबलपुर के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों से इस संवेदनशील मुद्दे पर राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुट होने और जबलपुर की जनता की सामूहिक आवाज को शासन के समक्ष मजबूती से उठाने की अपील की है। यह कहा गया है कि जनता ने उन्हें अपना प्रतिनिधि इसलिए चुना है ताकि वे जबलपुर के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए प्रभावी ढंग से अपनी बात रख सकें।
ज्ञापन सौंपने के दौरान रिज़वान अली कोटी, बादल पंजवानी, कपिल भोजक, सागर शुक्ला, मेवालाल पटेल, रिंकू बदलानी, एजाज़ अंसारी, अदनान अंसारी, शफी खान, ज़फ़र खान, सैय्यद अदील अहमद सहित कई अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।
