मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के विखंडन का जबलपुर में कांग्रेस ने किया कड़ा विरोध
जबलपुर: प्रदेश सरकार द्वारा मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी को विभाजित कर उसके एक हिस्से को उज्जैन स्थानांतरित करने की तैयारी का कांग्रेस ने कड़ा विरोध किया...

द क्लिफ न्यूज़ | जबलपुर | 27 जुलाई 2026
मध्यप्रदेश की जबलपुर स्थित मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के विखंडन और उसके एक हिस्से को उज्जैन स्थानांतरित किए जाने की प्रदेश सरकार की तैयारियों के खिलाफ जबलपुर में कांग्रेस ने कड़ा विरोध जताया है। नगर कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता रिज़वान अली कोटी ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि यह कदम महाकौशल क्षेत्र के लाखों विद्यार्थियों, शोधार्थियों और चिकित्सकों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। कांग्रेस ने इसे जबलपुर के अधिकारों पर कुठाराघात बताते हुए कहा है कि इसका हर स्तर पर विरोध किया जाएगा।
कांग्रेस के अनुसार, जबलपुर में मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी की स्थापना वर्ष 2011 में NSUI के लंबे संघर्ष, जनआंदोलन और छात्र-युवा शक्ति के अथक प्रयासों से हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य महाकौशल क्षेत्र को चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान का एक सशक्त केंद्र बनाना था। प्रवक्ता रिज़वान अली कोटी ने कहा, "प्रदेश सरकार द्वारा मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी का विखंडन कर उसके एक महत्वपूर्ण भाग को उज्जैन स्थानांतरित किए जाने की तैयारियाँ अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं जनभावनाओं के विपरीत हैं।"
स्थापित विवि के विभाजन का विरोध
कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी क्षेत्र के विकास का विरोध नहीं करते, लेकिन किसी स्थापित और सफल विश्वविद्यालय को विभाजित कर दूसरे स्थान पर स्थानांतरित करना न्यायसंगत नहीं है। पार्टी का मानना है कि यदि प्रदेश सरकार नए संस्थानों की स्थापना करना चाहती है, तो वह नए विश्वविद्यालय स्थापित करे। किंतु, जबलपुर के अधिकारों और उसकी ऐतिहासिक उपलब्धियों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
व्यापक जनआंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के विखंडन अथवा उसके किसी भी विभाग को जबलपुर से स्थानांतरित करने की प्रक्रिया तत्काल निरस्त की जाए। अन्यथा, छात्र संगठन, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठन और जबलपुर की जनता लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। कांग्रेस ने चेताया कि इस जनआंदोलन की समस्त जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की होगी। जबलपुर की जनता अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट है और मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के विखंडन का पुरजोर विरोध करती है। कांग्रेस के बादल पंजवानी, कपिल भोजक, सागर शुक्ला, अमित सोनकर, रिंकू बदलानी, आयुष पहारिया, शफ़ी खान, एजाज़ अंसारी आदि नेताओं ने सरकार के खिलाफ क्रमबद्ध आंदोलन की चेतावनी दी है।
