BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
Regional

मेडिकल साइंस विश्वविद्यालय के विखंडन का एनएसयूआई ने किया विरोध

एनएसयूआई ने जबलपुर स्थित मेडिकल साइंस विश्वविद्यालय के प्रस्तावित विखंडन का विरोध करते हुए कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा। छात्र संगठन ने विश्वविद्यालय की एकता बनाए रखने की मांग की है।

Few hours ago
2 मिनट में पढ़ें
मेडिकल साइंस विश्वविद्यालय के विखंडन का एनएसयूआई ने किया विरोध

द क्लिफ न्यूज़ | जबलपुर | 30 जुलाई 2026

जबलपुर के मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस विश्वविद्यालय के प्रस्तावित विखंडन के खिलाफ भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) ने अपना विरोध दर्ज कराया है। छात्र नेता अनुराग शुक्ला के नेतृत्व में एनएसयूआई के एक प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के उपकुलसचिव श्री अजय मिश्रा को कुलपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें विश्वविद्यालय की एकता और मूल स्वरूप को बनाए रखने की पुरजोर मांग की गई है।

एनएसयूआई की प्रमुख मांग है कि विश्वविद्यालय की कार्य परिषद (Executive Council) की तत्काल बैठक बुलाई जाए। इस बैठक में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया जाना चाहिए कि कुलपति और संपूर्ण कार्य परिषद मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस विश्वविद्यालय के किसी भी प्रकार के विखंडन का स्पष्ट रूप से विरोध करते हैं। इसके अतिरिक्त, यह प्रस्ताव राज्य सरकार को भी भेजा जाए, जिसमें विश्वविद्यालय की एकता और स्वायत्तता को यथावत बनाए रखने का आग्रह किया जाए।

विश्वविद्यालय की ऐतिहासिक पहचान और गुणवत्ता पर प्रभाव का अंदेशा

ज्ञापन सौंपने के अवसर पर छात्रनेता अनुराग शुक्ला ने कहा कि मध्यप्रदेश मेडिकल साइंस विश्वविद्यालय जबलपुर केवल एक संस्थान नहीं, बल्कि प्रदेश की चिकित्सा शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है और इसकी एक ऐतिहासिक पहचान है। उन्होंने तर्क दिया कि विश्वविद्यालय का विखंडन छात्रों, शोधार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों के हितों के विरुद्ध होगा। इससे न केवल प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित होगी, बल्कि प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता पर भी गहरा प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।

श्री शुक्ला ने यह भी स्पष्ट किया कि एनएसयूआई विश्वविद्यालय के विखंडन का लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से लगातार विरोध करती रहेगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की एकता को बनाए रखने के लिए संगठन हर स्तर पर अपना संघर्ष जारी रखेगा।

इस दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय की एकता के समर्थन में नारेबाजी भी की और संस्थान के हितों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संकल्प लिया। ज्ञापन सौंपने वालों में रिजवान अली कोटी, कपिल भोजक, सागर शुक्ला, अमित सोनकर, देवकी पटेल, शफी खान, अंकित शुक्ला, एजाज अंसारी, प्रतीक गौतम, अंकित कोरी, वकार खान, युग ठाकुर, अदील सैय्यद सहित बड़ी संख्या में छात्र शामिल थे।