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मप्र की 'राशन आपके ग्राम' योजना: 7 लाख परिवारों को घर बैठे मिलेगा अनाज

मध्य प्रदेश में 'मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम' योजना से 7.13 लाख जनजातीय परिवारों को घर बैठे अनाज मिलेगा। यह योजना स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान करेगी।

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मप्र की 'राशन आपके ग्राम' योजना: 7 लाख परिवारों को घर बैठे मिलेगा अनाज

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 31 अगस्त 2026

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के जनजातीय अंचलों में रहने वाले परिवारों को राशन प्राप्त करने की सुविधा को सुगम बनाने के लिए एक अभिनव योजना 'मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम' का शुभारंभ किया है। इस योजना के तहत, अब उचित मूल्य दुकानों तक लंबी दूरी तय करने की बजाय, लोगों को उनके अपने गांवों में ही राशन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। यह पहल विशेष रूप से 20 जिलों के 89 अनुसूचित जनजाति विकासखण्डों में लागू की गई है, जिससे लगभग 7 लाख 13 हजार परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य केवल राशन पहुंचाना ही नहीं है, बल्कि जनजातीय क्षेत्रों के युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान करना भी है। यह पहल उन दुर्गम और दूरदराज के क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जहां उचित मूल्य की दुकानें हितग्राहियों के गांवों से काफी दूर स्थित हैं। ऐसे में, राशन लेने के लिए परिवारों को न केवल अपना कीमती समय खर्च करना पड़ता था, बल्कि यात्रा व्यय और मजदूरी का नुकसान भी उठाना पड़ता था। 'मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम' योजना इन सभी परेशानियों का एक स्थानीय और प्रभावी समाधान प्रस्तुत करती है।

राशन वितरण की प्रणाली में बड़ा बदलाव

योजना के क्रियान्वयन के लिए, मध्य प्रदेश में कुल 472 सेक्टर बनाए गए हैं। इन सेक्टरों के अंतर्गत आने वाले आश्रित ग्रामों तक राशन सामग्री पहुंचाने की जिम्मेदारी स्थानीय स्तर पर सौंपी गई है। इस व्यवस्था के तहत, अनुसूचित जनजाति वर्ग के चयनित हितग्राहियों को सरकारी सहायता से वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। ये हितग्राही बैंक ऋण की सहायता से वाहन खरीदकर अपने गांवों में राशन पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं, जिससे वितरण व्यवस्था को मजबूती मिली है।

खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने इस पहल के एक महत्वपूर्ण पहलू पर प्रकाश डाला, जो कि स्थानीय जनजातीय युवाओं को सशक्त बनाना है। सरकार ने चयनित हितग्राहियों को वाहन खरीदने के लिए प्रति हितग्राही 2 से 3 लाख रुपये तक की मार्जिन मनी प्रदान की है। इस वित्तीय सहायता से, जनजातीय युवा न केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भागीदार बन रहे हैं, बल्कि उनके लिए स्वरोजगार का एक स्थायी माध्यम भी तैयार हो रहा है। यह कदम उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो रहा है।

रोजगार के नए अवसर और आर्थिक सशक्तिकरण

योजना के तहत, वाहन संचालकों को उनकी सेवा के बदले नियमित आय का अवसर भी प्रदान किया जा रहा है। एक टन क्षमता वाले वाहन के लिए मासिक 24 हजार रुपये और दो टन क्षमता वाले वाहन के लिए 31 हजार रुपये का किराया निर्धारित किया गया है। यह आर्थिक प्रोत्साहन स्थानीय युवाओं को परिवहन व्यवस्था से जुड़ने और नियमित आय अर्जित करने के लिए प्रेरित कर रहा है। इससे न केवल राशन वितरण की व्यवस्था सुदृढ़ हो रही है, बल्कि जनजातीय क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर रोजगार को भी बढ़ावा मिल रहा है।

'मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम' योजना को जनजातीय क्षेत्रों में सुविधा और आत्मनिर्भरता को एक साथ जोड़ने वाले एक अभिनव प्रयोग के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने इस योजना के माध्यम से राशन वितरण को केवल खाद्यान्न उपलब्ध कराने की व्यवस्था मात्र न मानकर, इसे जनजातीय परिवारों के जीवन को सुगम बनाने और स्थानीय युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के एक प्रभावी माध्यम के रूप में विकसित किया है।

खाद्य मंत्री श्री राजपूत ने इस बात पर जोर दिया कि इस योजना के लागू होने से जनजातीय क्षेत्र के पात्र परिवारों को उनके गांवों में ही राशन सामग्री उपलब्ध होने से उनकी मजदूरी, समय और श्रम की काफी बचत हो रही है। साथ ही, स्थानीय युवाओं को परिवहन व्यवस्था से जोड़कर उन्हें रोजगार का एक विश्वसनीय अवसर भी मिल रहा है। इस प्रकार, 'मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम' योजना जनजातीय क्षेत्रों में अंतिम व्यक्ति तक सरकारी सुविधाओं को पहुंचाने के साथ-साथ स्थानीय रोजगार सृजन, समय की बचत और आर्थिक सशक्तीकरण का एक प्रभावी माध्यम बन रही है, जो राज्य सरकार की समावेशी विकास की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।