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मंत्री आवास पर शिवलिंग निर्माण: बेटियों की शिक्षा और संस्कार पर जोर

दमोह के नोहटा में मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी के निवास पर पंच मुखी लोधेश्वर महादेव जयंती के अवसर पर आयोजित पांच दिवसीय शिवलिंग निर्माण आयोजन के तीसरे दिन पं. उमाशंकर शास्त्री ने बालिकाओं की शिक्षा, संस्कार और उत्तम संगति के महत्व को रेखांकित किया।

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मंत्री आवास पर शिवलिंग निर्माण: बेटियों की शिक्षा और संस्कार पर जोर

द क्लिफ न्यूज़ | दमोह | 10 अगस्त 2026

मध्य प्रदेश के दमोह जिले के नोहटा स्थित मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी के निवास पर पंच मुखी लोधेश्वर महादेव जयंती के उपलक्ष्य में पांच दिवसीय शिवलिंग निर्माण का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के तीसरे दिन कथावाचक पं. उमाशंकर शास्त्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए बालिकाओं की शिक्षा, संस्कार और उनके भविष्य को संवारने में उत्तम संगति के महत्व पर विशेष बल दिया।

पं. शास्त्री ने वर्तमान परिवेश में अभिभावकों से अपने बच्चों के प्रति अधिक सजग रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के इर्द-गिर्द रहने वाले लोगों, उनकी शैक्षणिक गतिविधियों, मित्रता और सामाजिक व्यवहार पर अभिभावकों की पैनी नज़र होनी चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने उच्च शिक्षा के महत्व को रेखांकित करते हुए बच्चों को संस्कारवान और संस्कृति से जुड़ाव रखने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता बताई।

बेटियाँ दो कुलों का करती हैं उद्धार

कथावाचक ने बेटियों के महत्व को समझाते हुए कहा कि बेटियाँ स्वयं देवी का रूप होती हैं और वे देवों के लिए सम्मान का प्रतीक हैं। जहां पुत्र एक परिवार का उद्धार करता है, वहीं पुत्री अपने जन्म और विवाह के पश्चात दो कुलों का कल्याण करती है। यह विचार उन्होंने श्रद्धालुओं के बीच साझा किया, जिसमें बालिकाओं के प्रति समाज के दृष्टिकोण को सकारात्मक बनाने का संदेश निहित था।

उत्तम संगति का जल-बूंद से दृष्टांत

पं. उमाशंकर शास्त्री ने बच्चों के भविष्य निर्माण में अच्छी संगति की भूमिका को स्पष्ट करने के लिए एक जल की बूंद का अत्यंत मार्मिक दृष्टांत प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि एक जल की बूंद अपने परिवेश के अनुसार अपना स्वरूप बदल लेती है। यदि वह गंगा या नर्मदा जैसी पवित्र नदियों में गिरे तो पवित्र हो जाती है, गन्ने में मिले तो मधुरता प्रदान करती है, नीम के वृक्ष पर गिरे तो कड़वी हो जाती है, और सीप के अंदर गिरने पर अनमोल मोती का रूप धारण कर लेती है। इस उदाहरण के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस प्रकार एक जल की बूंद की संगति उसके भाग्य का निर्धारण करती है, उसी प्रकार बच्चों का जीवन भी उनकी संगति से प्रभावित होता है। इसलिए, यह अत्यंत आवश्यक है कि उनका जुड़ाव केवल अच्छे लोगों के साथ ही हो।

इस पांच दिवसीय आयोजन में मुख्य यजमान के रूप में नितेंद्र सिंह लोधी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह आयोजन धार्मिक अनुष्ठान के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक संदेशों के प्रसार का माध्यम भी बन रहा है।