BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
International

मंगोलिया में सांसद माया नारोलिया ने दिलाया महिलाओं के निर्णायक हस्तक्षेप का संकल्प

राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने वर्ल्ड वुमेन पार्लियामेंटेरियंस फोरम में नीति निर्धारण में महिलाओं की सक्रिय भूमिका पर बल दिया। उन्होंने कहा कि सशक्तिकरण से...

Few hours ago
4 मिनट में पढ़ें
•संवाददाता: Suyash Mishra
मंगोलिया में सांसद माया नारोलिया ने दिलाया महिलाओं के निर्णायक हस्तक्षेप का संकल्प

Narmadapuram | संवाददाता: Suyash Mishra

द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 12 अक्टूबर 2026

मध्य प्रदेश से राज्यसभा सदस्य श्रीमती माया नारोलिया ने मंगोलिया की राजधानी उलानबटोर में आयोजित वर्ल्ड वुमेन पार्लियामेंटेरियंस फोरम के एक सत्र में भाग लिया। इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन का केंद्रीय विषय नीति-निर्माण और वैश्विक नेतृत्व की प्रक्रियाओं में महिलाओं की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करना रहा। सत्र के दौरान विभिन्न देशों की महिला सांसदों ने नीति-निर्धारण में महिलाओं के प्रतिनिधित्व और सशक्तिकरण से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए।

सांसद नारोलिया ने मंच को संबोधित करते हुए इस बात पर विशेष बल दिया कि महिलाओं की आवाज को केवल प्रतिनिधित्व तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में सक्रिय और प्रभावशाली भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण एक उन्नत और सुदृढ़ समाज के निर्माण की नींव है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर महिला नेतृत्व का उद्घोष

वर्ल्ड वुमेन पार्लियामेंटेरियंस फोरम जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच महिलाओं को एकजुट होकर नीतिगत बदलावों पर विचार-विमर्श करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। इस सत्र में सांसद माया नारोलिया की भागीदारी ने नीति-निर्धारण में महिलाओं की निर्णायक भूमिका जैसे मुद्दों को वैश्विक स्तर पर रेखांकित किया। उनका यह विचार कि महिलाओं को समान अवसर उपलब्ध कराने से ही एक समावेशी और उज्ज्वल भविष्य की रचना की जा सकती है, बैठक में प्रमुखता से उभरा।

इस फोरम में अपनी सहभागिता के माध्यम से, सांसद नारोलिया ने वैश्विक पटल पर भारतीय महिला नेतृत्व की एक सशक्त छवि प्रस्तुत की है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं की भूमिका केवल नाममात्र के प्रतिनिधित्व से कहीं अधिक होनी चाहिए; उन्हें अपनी नेतृत्व क्षमता और निर्णय शक्ति का उपयोग करके देश और समाज की दिशा तय करने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

मंगोलिया के उलानबटोर में आयोजित इस वैश्विक सम्मेलन का उद्देश्य विश्व भर की महिला जनप्रतिनिधियों को एक ऐसे मंच पर लाना था जहाँ वे नीति-निर्माण की प्रक्रियाओं में आने वाली चुनौतियों पर चर्चा कर सकें और उनके समाधान के लिए ठोस कदम उठा सकें। सांसद नारोलिया ने अपने संबोधन में इस बात को रेखांकित किया कि महिलाएं सिर्फ चुनाव जीत कर सदन में पहुंचने भर से सशक्त नहीं होतीं, बल्कि उनकी वास्तविक शक्ति नीति-निर्धारण के केंद्र में उनकी सक्रिय भागीदारी से प्रदर्शित होती है। उन्होंने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक अवसरों में समान पहुँच की आवश्यकता पर भी बल दिया।

सांसद नारोलिया ने यह भी बताया कि नीति-निर्धारण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कानूनी और संस्थागत ढाँचों को मजबूत करना आवश्यक है। साथ ही, समाज में व्याप्त लैंगिक पूर्वाग्रहों को दूर करने के लिए व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाने की भी जरूरत है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि भारत में भी महिलाओं को सशक्त बनाने और निर्णय प्रक्रियाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए कई सकारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं, जो वैश्विक स्तर पर महिला नेतृत्व को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

निर्णय प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी: समय की मांग

सांसद माया नारोलिया ने इस बात पर भी जोर दिया कि किसी भी राष्ट्र के सतत विकास के लिए महिलाओं की पूर्ण और प्रभावी भागीदारी अपरिहार्य है। निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में महिलाओं की सहभागिता केवल सामाजिक न्याय का मामला नहीं है, बल्कि यह सुशासन और प्रभावी नीति-निर्माण के लिए एक आवश्यकता है। जब नीतियां महिलाओं की आवश्यकताओं और दृष्टिकोणों को ध्यान में रखकर बनाई जाती हैं, तो वे अधिक समावेशी और प्रभावी होती हैं।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के अनुभव और अंतर्दृष्टि नीति-निर्माण की गुणवत्ता को बढ़ाती है। विभिन्न समुदायों और परिवारों में महिलाओं की भूमिका को देखते हुए, यह आवश्यक है कि उनके विचारों को नीति-निर्माण की मेज पर पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिले। यह न केवल लैंगिक समानता को बढ़ावा देगा, बल्कि समाज के सभी वर्गों के लिए अधिक न्यायसंगत और समृद्ध भविष्य का मार्ग प्रशस्त करेगा। वर्ल्ड वुमेन पार्लियामेंटेरियंस फोरम में उनकी उपस्थिति ने इस महत्वपूर्ण संदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

संबंधित समाचार