BREAKING
Revolutionary climate technology breakthrough announced • Championship finals draw record 150M+ viewers • Global markets surge following policy changes • New discovery in quantum computing promises faster processors
The Cliff News
International

मंगोलिया में भारतीय सांसद माया नारोलिया ने महिला सशक्तिकरण का उठाया मुद्दा

मंगोलिया की राजधानी उलानबाटोर में वर्ल्ड वुमेन पार्लियामेंटेरियंस फोरम में राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने 23 देशों की महिला जनप्रतिनिधियों के बीच भारत का प्रतिनिधित्व...

Few mins ago
2 मिनट में पढ़ें
•संवाददाता: Suyash Mishra
मंगोलिया में भारतीय सांसद माया नारोलिया ने महिला सशक्तिकरण का उठाया मुद्दा

Narmadapuram | संवाददाता: Suyash Mishra

द क्लिफ न्यूज़ | नर्मदापुरम | 14 अक्टूबर 2026

मंगोलिया की राजधानी उलानबाटोर में आयोजित वर्ल्ड वुमेन पार्लियामेंटेरियंस फोरम में राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए वैश्विक मंच पर महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका को प्रमुखता से रेखांकित किया। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में विश्व के 23 देशों की महिला जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया, जहाँ श्रीमती नारोलिया ने अपने संबोधन से भारतीय नारी शक्ति का प्रभावशाली संदेश दिया।

श्रीमती नारोलिया ने विशेष रूप से नवरात्रि के पावन अवसर का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पर्व हमें नारी के असीम सामर्थ्य और सम्मान की याद दिलाता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि महिलाएं केवल सृजन की धुरी मात्र नहीं हैं, बल्कि वे निर्णय लेने की क्षमता और नेतृत्व के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभाने में सक्षम हैं। सांसद ने स्पष्ट किया कि एक समृद्ध और समावेशी समाज की वास्तविक पहचान महिलाओं को मिलने वाले समान अवसरों से ही होती है।

अंतरराष्ट्रीय मंच पर महिला नेतृत्व की वकालत

अपने संबोधन में, राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने माँ दुर्गा की शक्ति से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम एक ऐसे विश्व का निर्माण करें जहाँ प्रत्येक महिला अपने सपनों को साकार करने के लिए स्वतंत्र हो और उसे उचित अवसर प्राप्त हों। उन्होंने महिला नेतृत्व को वैश्विक पटल पर मजबूती से स्थापित करने की वकालत करते हुए कहा कि जब महिलाओं को नेतृत्व के अवसर मिलते हैं, तब राष्ट्र की प्रगति को नई दिशा और गति प्राप्त होती है।

इस अंतरराष्ट्रीय संवाद में उनकी भागीदारी ने महिला सशक्तिकरण के प्रति भारत की मजबूत प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की अनिवार्य भूमिका को स्वीकार करने और उन्हें समान अवसर प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।

संबंधित समाचार