मंदिर श्री जमात में गुरु पूर्णिमा पर महंत दीपेंद्र दास जी ने दी शिष्यों को दीक्षा
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मंदिर श्री जमात में ब्रह्मलीन श्री श्री 1008 महंत श्री नंदराम दास जी महाराज 'खाकी' की परंपरा का निर्वहन करते...

द क्लिफ न्यूज़ | 29 जुलाई 2026
शहर की मंदिर श्री जमात में आज, 29 जुलाई 2026 को, गुरु पूर्णिमा का पर्व पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर वर्तमान महंत श्री दीपेंद्र जी 'खाकी' ने अपने सैकड़ों शिष्यों को गुरु दीक्षा प्रदान की। यह उत्सव ब्रह्मलीन श्री श्री 1008 महंत श्री नंदराम दास जी महाराज 'खाकी' के समय से चली आ रही परंपरा का निर्वहन है, जिसे महंत श्री दीपेंद्र जी महाराज आगे बढ़ा रहे हैं।
गुरु पूर्णिमा, जिसे व्यास पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है, सनातन धर्म का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। यह पर्व गुरुओं के प्रति कृतज्ञता और श्रद्धा व्यक्त करने का दिन है, जो शिष्यों को ज्ञान और आत्मज्ञान के मार्ग पर अग्रसर करते हैं। गुरु अंधकार से प्रकाश की ओर और अज्ञानता से ज्ञान की ओर ले जाने का माध्यम बनते हैं।
गुरु दीक्षा एवं समाधि पूजन
गुरु पूर्णिमा का उत्सव आज प्रातः 8:30 बजे गुरुदेव की समाधि स्थल पर चरण पादुका पूजन के साथ आरंभ हुआ। इसके उपरांत, प्रातः 10:00 बजे से महंत श्री दीपेंद्र जी महाराज ने शिष्यों को गुरु दीक्षा देने का सिलसिला शुरू किया। दोपहर 2:00 बजे तक कुमारी प्रीति शुक्ला, श्रीमती ऊगल कंवर, श्रीमती मधु साहू, श्रीमती निकिता साहू, श्रीमती रीना गुप्ता, श्रीमती हीरावती, श्रीमती रजनी मेवाड़, श्रीमती जेनू कंवर, श्रीमती चंद्रप्रभा परमार, हार्दिक सेन, सचिन साहू, अनुज साहू, आराध्या साहू और मुकेश जाटव सहित कई शिष्यों ने दीक्षा प्राप्त की।
भक्तों का विशाल जमावड़ा एवं आशीर्वाद
मंदिर परिसर में विगत दिनों से चल रही तैयारियों का प्रतिफल आज देखने को मिला, जहाँ हजारों की संख्या में भक्तों ने ठाकुर जी के दर्शन किए। भक्तों ने पूज्य गुरुदेव की समाधि स्थल पर नमन कर वर्तमान महंत श्री दीपेंद्र जी का आशीर्वाद ग्रहण किया। भोपाल, मंडीदीप, रायसेन, विदिशा, उज्जैन, सीहोर, तलेन, कुरावर, ब्यवरा, राजगढ़, बड़ा बैरसिया, छोटा बैरसिया, संवसी, धामधोंर, बांड़ी और आंदलहैडा जैसे विभिन्न क्षेत्रों से आए गुरु भक्तों ने महंत श्री दीपेंद्र दास जी से आशीर्वाद प्राप्त किया।
प्रसाद वितरण एवं व्यवस्था
संध्या 7:00 बजे ठाकुर जी की आरती के साथ सभी भक्तों को कतारबद्ध बिठाकर ठाकुर जी का भोग प्रसाद वितरित किया गया। इस विशाल आयोजन की सफल व्यवस्था गुरु देव के शिष्यों के सामूहिक योगदान से संपन्न हुई।
