मंडलायुक्त ने फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया, राहत कार्यों के निर्देश
कानपुर मंडल के मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन ने फर्रुखाबाद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया और प्रभावित लोगों को हर संभव मदद पहुंचाने के निर्देश दिए।

द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 17 अगस्त 2026
कानपुर मंडल के मंडलायुक्त के. विजयेंद्र पांडियन ने आज फर्रुखाबाद जनपद के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे राहत और बचाव कार्यों का गहनता से निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित ग्रामीणों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि वे बाढ़ की विकट परिस्थितियों से निपट सकें।
मंडलायुक्त ने स्थलीय निरीक्षण के दौरान अधिकारियों से जनपद में गंगा और रामगंगा नदियों के जलस्तर के बारे में विस्तृत जानकारी ली। सिंचाई विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, गंगा नदी का जलस्तर वर्तमान में 136.90 मीटर है, जबकि रामगंगा नदी 134.00 मीटर पर बह रही है। दोनों नदियों का चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर और खतरे का निशान 137.10 मीटर है। वर्तमान जलस्तर खतरे के निशान से थोड़ा ही नीचे है, लेकिन बाढ़ का खतरा बना हुआ है।
बाढ़ से प्रभावित क्षेत्र और स्थापित राहत व्यवस्थाएं
जानकारी के अनुसार, तहसील सदर के 12 गाँव, तहसील कायमगंज के 20 गाँव और तहसील अमृतपुर के 30 गाँव, कुल मिलाकर जनपद के 62 गाँव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। इन प्रभावितों के लिए जिला प्रशासन ने 24 अस्थायी बाढ़ शरणालय स्थापित किए हैं। इनमें से चार शरणालयों - मंडी समिति शमसाबाद, सहकारी समिति मंडी अर्रापहाड़पुर, रहमानिया कन्या इंटर कॉलेज, और रामनिवास डिग्री कॉलेज चित्रकोट राजेपुर - का उपयोग किया जा रहा है। इन शरणालयों में अब तक 630 लोग प्रवास कर चुके हैं, जिन्हें पके हुए भोजन की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त, 52 अस्थायी बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं, जिनमें कर्मियों की तैनाती की गई है ताकि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा सके।
आवागमन, खोज और बचाव कार्यों के लिए भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। तहसील सदर में 12 गाँव के लिए 19 नावें और 06 मोटर बोट, तहसील कायमगंज में 20 गाँव के लिए 20 नावें और 05 मोटर बोट, तथा तहसील अमृतपुर में 30 गाँव के लिए 28 नावें और 07 मोटर बोट तैनात की गई हैं। इस प्रकार, पूरे जनपद में कुल 67 नावें और 18 मोटर बोट राहत कार्यों में जुटी हैं। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) की एक टीम और प्रांतीय सशस्त्र पुलिस (PAC) की एक कंपनी बाढ़ बचाव उपकरणों और मोटरबोटों के साथ तैनात है। इनके अलावा, 53 स्वयंसेवी गोताखोर भी आवश्यकतानुसार अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
स्वास्थ्य और पशुधन के लिए राहत उपाय
बाढ़ प्रभावित ग्रामों में स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। अब तक 196 मेडिकल कैंप लगाए गए हैं, जिनमें 11081 लोगों का उपचार किया गया है। 11906 ओआरएस पैकेट और 13629 क्लोरीन टैबलेट वितरित किए गए हैं। आवश्यकतानुसार निरंतर मेडिकल कैंपों का आयोजन किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम और एआरवी (एंटी-रेबीज वैक्सीन) उपलब्ध हैं।
पशुधन की सुरक्षा के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। बाढ़ प्रभावित ग्रामों में 63 पशु शिविर लगाए गए हैं, जिनमें 3974 पशुओं का उपचार और 7517 पशुओं का टीकाकरण किया गया है। शिविरों में आश्रय लिए हुए पशुओं के लिए 139.98 किलोग्राम चारा (भूसा) भी वितरित किया जा चुका है।
आवास और शिक्षा के लिए सहायता
बाढ़ से प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री पहुंचाने के साथ-साथ उनके पुनर्वास की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। अब तक 10 हजार परिवारों को खाद्यान्न पैकेट वितरित किए जा चुके हैं। पूर्णतः क्षतिग्रस्त पक्के मकान वाले 21 परिवारों को 25.20 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई है। इसके अतिरिक्त, 25 प्रभावित परिवारों को 80 वर्ग मीटर की भूमि का आवंटन और पट्टा भी प्रदान किया गया है। बाढ़ शरणालयों में रह रहे बच्चों की शिक्षा और सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए नियमित कक्षाओं का संचालन भी किया जा रहा है।
मंडलायुक्त ने ग्राम बिलावलपुर का किया निरीक्षण
मंडलायुक्त ने सदर तहसील स्थित विकास खंड बढ़पुर के ग्राम बिलावलपुर के मजरा कटरी धर्मपुर पहुंचकर बाढ़ की स्थिति और ग्रामीणों को मिल रही राहत व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पशुओं को बाढ़ शरणालय स्थलों पर ही रखा जाए और उनका नियमित टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि बाढ़ क्षेत्र के आसपास संचालित स्वास्थ्य इकाइयों पर 102 और 108 एम्बुलेंस सेवाओं को तैयार रखा जाए।
उन्होंने बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हुई पुलियाओं, सड़कों और संपर्क मार्गों का चिन्हांकन कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए, ताकि उनके मरम्मत कार्य के लिए कार्य योजना तैयार कर शासन को भेजी जा सके। मंडलायुक्त ने ग्राम प्रधानों से ग्रामीणों को सुरक्षित स्थलों पर रहने और राहत कार्यों में जिला प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में निवासियों की सुरक्षा हेतु भविष्य की दृष्टि से कार्य योजना तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए।
बाढ़ चौकी धारानगरी और रहमानिया कन्या इंटर कॉलेज शरणालय का निरीक्षण
इसके पश्चात, मंडलायुक्त ने बाढ़ चौकी धारानगरी का निरीक्षण किया और वहां तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों से बाढ़ की स्थिति, निगरानी व्यवस्था और राहत कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि बाढ़ की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जाए और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मौके पर उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को राहत सामग्री भी वितरित की।
मंडलायुक्त ने रहमानिया कन्या इंटर कॉलेज में बनाए गए बाढ़ शरणालय का भी निरीक्षण किया। वहां ठहरे बाढ़ प्रभावित लोगों से बातचीत कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शरणालयों में स्वच्छ पेयजल, भोजन, प्रकाश, साफ-सफाई, शौचालय और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं निरंतर सुचारू रूप से उपलब्ध रहें।
मंडलायुक्त ने जोर देकर कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी भी स्तर की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करें, जमीनी स्तर पर स्थिति का जायजा लें और आवश्यकता के अनुसार तत्काल राहत एवं सहायता उपलब्ध कराएं।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक श्रीमती आरती सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व अरुण कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी सदर संजय कुमार, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. धीरज कुमार सहित अन्य संबंधित प्रशासनिक और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
