मानवाधिकार संगठन ने सबलपुर में ग्रामीणों को उनके अधिकारों के प्रति किया जागरूक
फर्रुखाबाद के सबलपुर गांव में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन ने जनसभा का आयोजन कर ग्रामीणों को उनके मौलिक अधिकारों की जानकारी दी।

फर्रुखाबाद | संवाददाता: संदीप तिवारी
द क्लिफ न्यूज़ | फर्रुखाबाद | 11 अक्टूबर 2026
फर्रुखाबाद के सबलपुर गांव में अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन द्वारा आयोजित एक विशेष जनसभा में ग्रामीणों को उनके मौलिक अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। इस सभा का मुख्य उद्देश्य आमजन को उनके कानूनी अधिकारों से अवगत कराना और संगठन के सिद्धांतों से परिचित कराना था।
कमालगंज ब्लॉक के सबलपुर गांव में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष दीपेंद्र सिंह और उपाध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह गहरवार ने की। इस अवसर पर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष धीरज कुमार पांडे, प्रदेश सचिव सावन मिश्रा और प्रदेश मंत्री मुफीद खान सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। फर्रुखाबाद के नव नियुक्त जिला अध्यक्ष अशोक कुमार कुशवाहा, जिला उपाध्यक्ष राजीव यादव और कानूनी सलाहकार एडवोकेट आसिफ जमा खान ने भी सभा में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
ग्रामीणों को मौलिक अधिकारों की जानकारी
जनसभा में तीन सौ से अधिक स्थानीय निवासियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने विस्तार से बताया कि किस प्रकार अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण संगठन गरीब, कमजोर और असहाय व्यक्तियों की सहायता के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रहा है। संगठन के सिद्धांतों पर प्रकाश डालते हुए पदाधिकारियों ने जोर दिया कि किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और उन्हें उनके सभी अधिकारों की प्राप्ति सुनिश्चित की जाएगी।
अधिकारियों द्वारा सहयोग का आश्वासन
नगर अध्यक्ष एडवोकेट राजीव श्रीवास्तव, नगर महामंत्री मनीष यादव, बढ़पुर ब्लॉक सचिव विनीत शाक्य, राजेपुर ब्लॉक अध्यक्ष अनुराग अवस्थी और अन्य कार्यकर्ताओं ने कार्यक्रम के सुचारू संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए संगठन के कार्यों में गहरी रुचि दिखाई। समापन के अवसर पर, संगठन के पदाधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्रशासन के किसी भी अधिकारी द्वारा किसी भी नागरिक को उत्पीड़ित नहीं होने दिया जाएगा। इस जनसभा ने मानवाधिकारों के संरक्षण और नागरिक जागरूकता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में कार्य किया, जहाँ उपस्थित लोगों ने अपने अधिकारों से संबंधित प्रश्न भी पूछे।
