मानसून का विकराल रूप: 19 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, गुजरात-असम-उत्तराखंड सबसे ज्यादा प्रभावित
देशभर में मानसून का प्रकोप जारी है। 19 से अधिक राज्यों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। गुजरात, असम और उत्तराखंड में बाढ़, भूस्खलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त।

द क्लिफ न्यूज़ | 1 अगस्त 2026
देश के बड़े हिस्से में मानसून की सक्रियता ने विकराल रूप धारण कर लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आगामी 48 से 72 घंटों के दौरान 19 से अधिक राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी ने विशेष रूप से गुजरात, असम, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में चिंता बढ़ा दी है, जहाँ मूसलाधार बारिश के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बाढ़, भूस्खलन और जलभराव ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, मध्य, पश्चिम और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने की प्रबल संभावना है। विभाग ने नागरिकों से मौसम संबंधी चेतावनियों का गंभीरता से पालन करने, जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने और केवल अत्यावश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है।
गुजरात में रेड अलर्ट, निचले इलाकों में भरा पानी
गुजरात राज्य में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने कई जिलों में गंभीर स्थिति उत्पन्न कर दी है। विशेष रूप से वडोदरा और अहमदाबाद जैसे शहरों में अत्यधिक वर्षा के कारण रेड अलर्ट जारी किया गया है। निचले इलाकों में पानी भर जाने से कई आवासीय कॉलोनियां जलमग्न हो गई हैं, जिससे यातायात व्यवस्था पूरी तरह ठप पड़ गई है। स्थानीय प्रशासन ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए भारतीय सेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) को स्टैंडबाय पर रखा है। राहत और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में युद्धस्तर पर कार्य कर रहे हैं।
असम में बाढ़ का तांडव, तीन लाख से अधिक लोग प्रभावित
असम में बाढ़ की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। राज्य के अनेक जिलों में नदियां खतरे के निशान को पार कर बह रही हैं, जिससे लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ की चपेट में आकर तीन लाख से अधिक लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं, जबकि हजारों परिवारों को राहत शिविरों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा है। कृषि भूमि, महत्वपूर्ण सड़कें और कई गाँव जलमग्न हो गए हैं, जिससे स्थानीय निवासियों के सामने भोजन और अन्य दैनिक जरूरतों का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
उत्तराखंड में भूस्खलन से जनजीवन ठप, चारधाम यात्रा रोकी गई
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। राज्य में 100 से अधिक सड़कें भूस्खलन के कारण अवरुद्ध हो गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप कई पहाड़ी क्षेत्रों का संपर्क बाहरी दुनिया से कट गया है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोपरि मानते हुए, प्रशासन ने चारधाम यात्रा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। पर्वतीय इलाकों में चट्टानें खिसकने और अचानक बाढ़ का खतरा लगातार बना हुआ है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों और पर्यटकों से अनावश्यक यात्रा से बचने की पुरजोर अपील की है।
हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट, संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ी निगरानी
हिमाचल प्रदेश भी मानसून की मार झेल रहा है। भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए राज्य के कई जिलों में मौसम विभाग द्वारा ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है और नागरिकों को नदी-नालों के किनारे और पहाड़ी ढलानों से दूर रहने की कड़ी हिदायत दी गई है।
राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रबंधन टीमें सक्रिय
राष्ट्रीय और राज्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों द्वारा स्थिति पर लगातार कड़ी नजर रखी जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव दल सक्रिय रूप से तैनात हैं और स्थानीय प्रशासन को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून की यह तीव्र सक्रियता अगले कुछ दिनों तक बनी रह सकती है, इसलिए नागरिकों को अत्यंत सतर्क रहने और सरकारी दिशा-निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करने की आवश्यकता है।
