मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को डायल-112 टीम ने जंगल से सुरक्षित घर पहुंचाया
छतरपुर में डायल-112 के जवानों ने जंगल की ओर भटके मानसिक रूप से अस्वस्थ 25 वर्षीय युवक को तत्परता दिखाते हुए खोज निकाला और परिजनों को सौंपा।

द क्लिफ न्यूज़ | भोपाल | 3 अगस्त 2026
मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में डायल-112 के जवानों की संवेदनशीलता और तत्परता ने एक बार फिर मिसाल पेश की है। बमनौरा थाना क्षेत्र के ग्राम रामटोरिया से घर से लापता हुए 25 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ युवक को जंगल से सुरक्षित खोज निकाला गया और उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया। इस त्वरित कार्रवाई से न केवल युवक की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, बल्कि उसके परिवार को भी बड़ी राहत मिली।
यह घटना 1 अगस्त को तब सामने आई जब राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को ग्राम रामटोरिया निवासी एक युवक के लापता होने की सूचना मिली। युवक मानसिक रूप से अस्वस्थ है और घर से कहीं चला गया था। सूचना मिलते ही बमनौरा थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 की एफआरवी (फर्स्ट रेस्पोंडर व्हीकल) वाहन को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
तत्परता से खोजबीन और सफल रेस्क्यू
डायल-112 टीम के आरक्षक राजेश प्रजापति और पायलट साहब सिंह ने मौके पर पहुंचकर युवक के परिजनों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। परिजनों ने बताया कि युवक संभवतः जंगल की ओर गया है। इस सूचना के आधार पर, डायल-112 टीम ने परिजनों को साथ लेकर आसपास के इलाके और घने जंगल में युवक की सघन तलाश शुरू की।
खोज अभियान के दौरान, टीम ने अपनी सूझबूझ और अथक प्रयासों से जंगल के अंदर युवक को सुरक्षित ढूंढ निकाला। पहचान और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद, युवक को सकुशल उसके परिजनों के हवाले कर दिया गया। युवक के सुरक्षित मिलने पर उसके परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू आ गए और उन्होंने डायल-112 सेवा तथा पुलिस जवानों के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया।
डायल-112 सेवा की प्रतिबद्धता
यह घटना मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा की संवेदनशीलता और समर्पण को उजागर करती है। विशेषकर जरूरतमंद और विशेष देखभाल की आवश्यकता वाले व्यक्तियों की सुरक्षा और सहायता के प्रति यह सेवा सदैव सजग और प्रतिबद्ध है। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत इस तरह की घटनाएं आमजन के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत करती हैं। समय पर की गई इस मानवीय कार्यवाही से एक अमूल्य जीवन को सुरक्षित बचाया जा सका।
