मां वैष्णो देवी के दर्शन को 150 श्रद्धालुओं का जत्था नरसिंहगढ़ से कटरा रवाना
मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए नरसिंहगढ़ से 150 श्रद्धालुओं का जत्था कटरा के लिए रवाना हुआ। महंत श्री दीपेंद्र दास के निर्देशन में यह 25वीं समूह यात्रा है, जो 11 सितंबर को संपन्न होगी।

संवाददाता: महेंद्र शर्मा
द क्लिफ न्यूज़ | नरसिंहगढ़ | 8 सितंबर 2026
मां वैष्णो देवी के जयकारों के बीच रविवार को नरसिंहगढ़ से लगभग 150 श्रद्धालुओं का एक जत्था कटरा के लिए रवाना हो गया। महंत श्री दीपेंद्र दास के निर्देशन में मां वैष्णो देवी सेवा मंडल की यह 25वीं समूह यात्रा है। इस यात्रा के संयोजक राकेश गुप्ता ‘श्री टेलर’ अपनी 30वीं यात्रा पूरी कर रहे हैं।
यात्रा की शुरुआत शीतला माता मंदिर से हुई, जहां श्रद्धालुओं ने माता को चुनरी अर्पित कर पूजा-अर्चना और आरती की। ढोल-नगाड़ों और ‘जय माता दी’ के जयघोष के बीच, श्रद्धालुओं ने नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए बस स्टैंड तक का सफर तय किया। वहां से वाहनों के माध्यम से वे कटरा के लिए रवाना हुए। रवाना होते समय पूरा वातावरण भक्तिमय और श्रद्धा से सराबोर था।
विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं का समावेश
इस यात्रा में केवल नरसिंहगढ़ के ही नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र के श्रद्धालु भी शामिल हैं। नाका बाराद्वारी की बजरंग नारायण परायण समिति तथा हनुमान मंदिर समिति के सदस्यों ने भी जत्थे के साथ यात्रा की। यह समिति यात्रा के दौरान दर्शनी दरवाजा और कोल कंडोली सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों पर सुंदरकांड पाठ एवं परायण का आयोजन करेगी।
धार्मिक स्थलों के दर्शनों का कार्यक्रम
अपनी यात्रा के दौरान, श्रद्धालु जम्मू में स्थित बालाजी मंदिर, रघुनाथ मंदिर, शिवखोड़ी धाम और अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन करेंगे। इसके बाद, वे कटरा पहुंचकर पवित्र गुफा में मां वैष्णो देवी के मुख्य दरबार में मत्था टेकेंगे। इस पूरी यात्रा का समापन 11 सितंबर को निर्धारित है।
यात्रा संयोजक की आस्था और अनुभव
यात्रा संयोजक राकेश गुप्ता ने अपनी गहरी आस्था व्यक्त करते हुए कहा कि वे मां वैष्णो देवी को अपने घर की मां मानते हैं। उन्होंने भावुक होकर बताया, “मां हर साल अपने एक बेटे को अपने दरबार में बुलाती हैं। मां का बुलावा कब और कैसे आता है, इसका पता ही नहीं चलता। इतने वर्षों से मां का आशीर्वाद मिल रहा है और इसी विश्वास के साथ यह यात्रा निरंतर सफल होती आ रही है।”
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि हर वर्ष इस यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। श्रद्धालु नरसिंहगढ़ से बस और भोपाल से मालवा एक्सप्रेस के माध्यम से यात्रा पूरी करते हैं। इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने के कारण यात्रा के दौरान श्रद्धा, भक्ति और आस्था का एक अनुपम दृश्य देखने को मिला।
