मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग दिवस: तकनीक संग मानवीय मूल्यों पर जोर
बलरामपुर के मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में भारतीय इंजीनियरिंग दिवस पर डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को याद किया गया। कुलपति ने इंजीनियरिंग को समाज उत्थान का माध्यम...

बलरामपुर उत्तर प्रदेश | संवाददाता: अनिरुद्ध शुक्ल
द क्लिफ न्यूज़ | बलरामपुर | 15 सितंबर 2026
बलरामपुर स्थित मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय में मंगलवार को भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती के उपलक्ष्य में भारतीय इंजीनियरिंग दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अर्पित निगम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रवि शंकर सिंह ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि आज के युग में इंजीनियरिंग केवल तकनीकी दक्षता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सरोकारों से जुड़कर समाज को बेहतर बनाने का एक सशक्त माध्यम बन गई है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि 21वीं सदी में ज्ञान और विवेक के समन्वय से तकनीक का उपयोग मानव समाज के उत्थान के लिए अनिवार्य है। कुलपति ने मल्टीडिसिप्लिनरी दृष्टिकोण की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि भविष्य में विषयों की सीमाएं धुंधली होंगी और तकनीक का सही अनुप्रयोग एक समावेशी समाज के निर्माण में सहायक होगा।
निबंध प्रतियोगिता और पुरस्कार वितरण
कार्यक्रम के दौरान आयोजित निबंध प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के 180 विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में कादरिया बानो ने प्रथम, सुनील पाल ने द्वितीय और प्रियांशी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सभी विजेताओं को प्रमाण पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। बीसीए के विद्यार्थी रूपेश को भी इस अवसर पर विशेष सम्मान से नवाजा गया।
कार्यक्रम का संचालन आकृति विज्ञा ने किया, जबकि डॉ. आशुतोष कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस गरिमामयी समारोह में विश्वविद्यालय के कुलसचिव परमानंद सिंह, विभिन्न विभागों के प्राध्यापकगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
