मां ने प्रेमी संग आपत्तिजनक स्थिति में देख लेने पर बेटी से दुष्कर्म में की मदद: पिता की शिकायत पर FIR
सिद्धार्थनगर में मां पर आरोप है कि उसने अपनी 13 वर्षीय बेटी को प्रेमी के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लेने के बाद, पकड़े जाने के डर से बेटी से दुष्कर्म करवाने में सहयोग किया। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज कर जांच शुरू की है।

द क्लिफ न्यूज़ | सिद्धार्थनगर | 14 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले के मिश्रौलिया थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक मां पर अपनी ही 13 वर्षीय बेटी के साथ दुष्कर्म करवाने में सहयोग करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़ित पिता ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के बाद पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना 26 जून की शाम को मिश्रौलिया थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई। पुलिस को दी गई शिकायत में बताया गया है कि आरोपी महिला ने अपनी नाबालिग बेटी को किसी काम से दुकान पर भेजा था। इसी दौरान उसने अपने परिचित युवक, जिसकी पहचान तसव्वुर के रूप में बताई जा रही है, को घर बुला लिया। कुछ देर बाद जब किशोरी दुकान से वापस लौटी, तो उसने कथित तौर पर अपनी मां और युवक को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया।
आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने का डर बना कारण
शिकायत के अनुसार, अपनी बेटी द्वारा घटना की जानकारी पिता को देने की बात कहने पर महिला को अपनी करतूत सामने आने का डर सताने लगा। आरोप है कि इसी डर के चलते महिला ने अपने प्रेमी को बेटी के साथ दुष्कर्म के लिए उकसाया और वारदात को अंजाम देने में कथित तौर पर सहयोग भी किया। परिजनों के मुताबिक, घटना के बाद किशोरी ने परिवार को आपबीती सुनाई, जिसके बाद पिता ने पुलिस से संपर्क किया।
पुलिस से अपेक्षित कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए पीड़ित पिता ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने संबंधित आरोपियों, जिसमें मां और युवक तसव्वुर शामिल हैं, के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम सहित भारतीय कानून की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस की जांच और कानूनी कार्रवाई
मिश्रौलिया थाना सिद्धार्थनगर जिले के पुलिस तंत्र का एक अभिन्न अंग है। पुलिस वर्तमान में मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। घटना की परिस्थितियों, पीड़िता के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, आरोपों की पूर्ण पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। कानून के अनुसार, यौन अपराध की नाबालिग पीड़िता की पहचान गोपनीय रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसलिए समाचार में पीड़िता से संबंधित किसी भी पहचान योग्य जानकारी का खुलासा नहीं किया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्षता से की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
