मन की बात: पीएम मोदी ने कारगिल वीरों को किया नमन, युवाओं की उपलब्धियों पर जताया गर्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'मन की बात' कार्यक्रम में कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और युवाओं को खेल, विज्ञान व तकनीक में उनकी शानदार उपलब्धियों के लिए सराहा।

द क्लिफ न्यूज़ | नई दिल्ली | 26 जुलाई 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के अवसर पर अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में देश के वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि कारगिल की ऊंची चोटियों पर हमारे जांबाज सैनिकों ने अपनी असाधारण बहादुरी से दुश्मन को परास्त किया था। प्रतिकूल परिस्थितियों और दुश्मनों की चुनौतियों के बावजूद, हमारे सैनिकों का हौसला हर बाधा से बड़ा था। उन्होंने भारत माता की रक्षा के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। प्रधानमंत्री ने कारगिल के सभी वीर शहीदों और सैनिकों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया।
प्रधानमंत्री ने इस दौरान देश के युवाओं की उपलब्धियों पर भी विशेष प्रकाश डाला और उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने खेल, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में युवाओं द्वारा हासिल की गई हालिया सफलताओं का उल्लेख किया। इस संदर्भ में, उन्होंने फिजिक्स ओलंपियाड का जिक्र करते हुए कहा कि भारत के सभी पांच छात्रों ने इसमें गोल्ड मेडल जीता, जिससे देश ने पहली रैंक हासिल की। उन्होंने बताया कि पिछले एक दशक से भारतीय छात्र हर फिजिक्स ओलंपियाड में गोल्ड या सिल्वर मेडल जीतते आ रहे हैं। इसके अलावा, केमिस्ट्री ओलंपियाड में भी सभी छात्रों ने गोल्ड मेडल प्राप्त किए, जो अब तक की सर्वश्रेष्ठ उपलब्धि है। बायोलॉजी ओलंपियाड में भी सभी छात्रों ने मेडल जीते, जिसमें एक गोल्ड मेडल शामिल है। गणित ओलंपियाड में छात्रों ने दो स्वर्ण और चार रजत पदक जीते।
युवा अन्वेषकों की नवाचार क्षमता की सराहना
श्री मोदी ने युवाओं की नवाचार क्षमता और अंतरिक्ष क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने हाल ही में विक्रम-1 के सफल प्रक्षेपण का उल्लेख किया, जिसने हर देशवासी को गौरवान्वित किया। यह भारत का पहला निजी क्षेत्र द्वारा विकसित रॉकेट था। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे युवा अन्वेषकों ने वह कर दिखाया है जिसकी कल्पना करना भी मुश्किल था, और उन्होंने इसमें अद्भुत कुशलता, जुनून और धैर्य का प्रदर्शन किया। उन्होंने इस ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बनने पर प्रसन्नता व्यक्त की।
खेल जगत में युवाओं का परचम
प्रधानमंत्री ने हाल के दिनों में खेल के क्षेत्र में युवाओं द्वारा हासिल की गई शानदार उपलब्धियों को भी उजागर किया। उन्होंने पीवी सिंधु का विशेष रूप से उल्लेख किया, जो जापान ओपन बैडमिंटन का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। उन्होंने कहा कि उनकी इस उपलब्धि पर पूरे देश को गर्व है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट टीम को लंदन के लॉर्ड्स स्टेडियम में अपना पहला टेस्ट मैच जीतने पर बधाई दी, जिसे उन्होंने एक ऐतिहासिक जीत बताया।
शौर्य विजय यात्रा: वीरों की गाथाओं का प्रसार
पीएम मोदी ने कहा कि आज का भारत अपने वीरों को न केवल याद करता है, बल्कि उनकी वीरगाथाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी प्रयास करता है। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए, इस वर्ष एक विशेष 'शौर्य विजय यात्रा' का आयोजन किया गया। 14 जुलाई को दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल से शुरू हुई यह मोटरसाइकिल यात्रा द्रास के कारगिल वॉर मेमोरियल तक पहुंचेगी। इस यात्रा का संदेश 'वन राइड, वन नेशन, वन सेल्यूट' है, जो राष्ट्र के लिए दिए गए बलिदान को कभी न भुलाने की याद दिलाता है।
रक्षा क्षेत्र में तकनीकी सुदृढ़ता और आत्मनिर्भरता
प्रधानमंत्री ने भारत की तकनीकी क्षमताओं, विशेषकर रक्षा क्षेत्र में हो रहे विकास पर भी जोर दिया। उन्होंने रक्षा उत्पादन, रक्षा निर्यात और मित्र देशों के साथ राजनीतिक सहयोग में भारत की प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि हाल ही में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया आईएनएस महेंद्रगिरि, पूर्ण रूप से भारत में डिजाइन और निर्मित किया गया आधुनिक जंगी जहाज है। इसमें 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग हुआ है, जो 'आत्मनिर्भर भारत' की बढ़ती शक्ति का प्रतीक है।
इसी क्रम में, श्री मोदी ने डीआरडीओ द्वारा पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट के सफल परीक्षण का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस सफलता के पीछे हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों का सामूहिक परिश्रम है। उन्होंने यह भी बताया कि इसी महीने डीआरडीओ ने कुशा मिसाइल का भी सफल परीक्षण किया है। प्रधानमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि रक्षा उत्पादन, निर्यात और मित्र देशों के साथ राजनीतिक सहयोग में भारत लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उन्होंने इंडोनेशिया में ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों के लिए हुए बड़े समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि दुनिया का भरोसा भारत के रक्षा उपकरणों और तकनीक पर लगातार बढ़ रहा है।
