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मैट्रीमोनियल साइट पर एनआरआई बनकर ठगी: 6 गिरफ्तार, 11 करोड़ की ठगी का खुलासा

मंदसौर पुलिस ने मैट्रिमोनियल साइट पर एनआरआई बनकर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। 6 आरोपी गिरफ्तार, 11 करोड़ से अधिक की...

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•संवाददाता: राजकुमार कोटवार
मैट्रीमोनियल साइट पर एनआरआई बनकर ठगी: 6 गिरफ्तार, 11 करोड़ की ठगी का खुलासा

मंदसौर जिला गरोठ तहसील | संवाददाता: राजकुमार कोटवार

द क्लिफ न्यूज़ | मंदसौर जिला | 1 अक्टूबर 2026

मंदसौर जिले के शामगढ़ थाना क्षेत्र में एक महिला से साढ़े 7 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले में जांच कर रही पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह का पर्दाफाश एक महिला द्वारा मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर रिश्ता तलाशने के दौरान हुई ठगी की शिकायत के बाद हुआ। पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण कर इस बड़े साइबर नेटवर्क का खुलासा किया है, जो 11 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी और 100 से अधिक साइबर घटनाओं में संलिप्त पाया गया है।

पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामस्नेही मिश्रा और दिनेश प्रजापति के मार्गदर्शन में थाना शामगढ़ प्रभारी कपिल सौराष्ट्रीय के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने डेढ़ माह तक जटिल तकनीकी साक्ष्यों को खंगाला। इसके बाद, लगभग 15 दिनों तक विभिन्न राज्यों में दबिश देते हुए पुलिस ने इस गिरोह के छह सदस्यों - त्रिलोकी कुमार, शिवम गुप्ता, बबलू कुशवाह, गुंजन गुप्ता, शशि कुमार और टोनी कुमार - को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।

गिरोह का शातिर तरीका: एनआरआई बनकर बनाते थे शिकार

गिरफ्तार आरोपियों के काम करने का तरीका बेहद शातिर और सुनियोजित था। वे मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके स्वयं को विदेशी (एनआरआई) बताकर पीड़ितों से संपर्क साधते थे। प्रारंभिक संपर्क और विश्वास जीतने के बाद, आरोपी पीड़ितों को बड़े-बड़े विदेशी उपहार भेजने का लालच देते थे। इसके बाद, उपहार भेजने की प्रक्रिया में लगने वाली कस्टम ड्यूटी, प्रोसेसिंग फीस या पार्सल को जारी कराने के नाम पर पीड़ितों से अलग-अलग बैंक खातों में बड़ी रकम जमा करवाई जाती थी। पुलिस की जांच में यह भी पता चला है कि इस गोरखधंधे को अंजाम देने के लिए गिरोह ने 150 से अधिक म्यूल बैंक खातों और मोबाइल सिम कार्ड का प्रयोग किया था, जिससे उनकी पहचान और गतिविधियों को ट्रैक करना कठिन हो जाता था।

बरामदगी और आगे की जांच

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 22 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, 30 सिम कार्ड और 5 एटीएम कार्ड सहित कई अन्य संदिग्ध इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न बैंक खातों में जमा 8 लाख रुपये से अधिक की राशि को फ्रीज करने में भी सफलता प्राप्त की है, जिससे संभावित रूप से पीड़ितों को कुछ राहत मिल सके। वर्तमान में, गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस का उद्देश्य ठगी के शिकार हुए अन्य लोगों की पहचान करना और इस गिरोह के अन्य सहयोगियों का पता लगाना है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि जैसे-जैसे जांच का दायरा बढ़ेगा, इस साइबर ठगी की कई और परतें खुल सकती हैं और ठगी की रकम तथा पीड़ितों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।