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मैहर आंगनवाड़ी: नमक-पूड़ी का वीडियो वायरल, सियासत गरमाई; विभाग बोला- मामला तीन महीने पुराना

मैहर के ककरा आंगनवाड़ी से बच्चों को केवल नमक-पूड़ी खिलाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। विभाग ने इसे तीन महीने पुराना बताया है और स्थानीय विवाद से जोड़ा है, जबकि कांग्रेस ने सरकार पर निशाना साधा है।

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मैहर आंगनवाड़ी: नमक-पूड़ी का वीडियो वायरल, सियासत गरमाई; विभाग बोला- मामला तीन महीने पुराना

द क्लिफ न्यूज़ | मैहर | 31 जुलाई 2026

मध्यप्रदेश के मैहर जिले के ककरा स्थित एक आंगनवाड़ी केंद्र का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मासूम बच्चों को कथित तौर पर केवल नमक और पूड़ी परोसी जा रही है। इस वीडियो ने महिला एवं बाल विकास विभाग में हड़कंप मचा दिया है और प्रशासन को तत्काल जांच के आदेश देने पड़े हैं। इस घटनाक्रम ने प्रदेश की राजनीति में भी गरमाहट ला दी है, जहां विपक्षी कांग्रेस ने राज्य सरकार पर हमला बोला है।

वायरल हो रहे इस वीडियो में बच्चे जमीन पर बैठकर भोजन कर रहे हैं और उनकी थालियों में पूड़ी के साथ सिर्फ नमक नजर आ रहा है। यह दृश्य आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को मिलने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आंगनवाड़ी केंद्रों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को कुपोषण से बचाना और उन्हें पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना है। ऐसे में, भोजन में नमक-पूड़ी जैसी स्थिति सामने आना चिंता का विषय है।

जांच के आदेश और विभागीय प्रतिक्रिया

मामले की गंभीरता को देखते हुए मैहर के जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) राजेंद्र बांगरे ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) अखिलेश दीपांकर को इस मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपने की जिम्मेदारी सौंपी गई। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना था कि वायरल वीडियो कब का है, उस समय केंद्र पर कौन-कौन कर्मचारी उपस्थित थे, और क्या बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार पोषण आहार दिया जा रहा था।

महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा की गई जांच रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि वायरल वीडियो वर्तमान समय का नहीं, बल्कि लगभग तीन महीने पुराना है। विभाग के अनुसार, वीडियो को भोजन वितरण की प्रक्रिया के दौरान अधूरा रिकॉर्ड किया गया था। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 26 जुलाई की रात को गांव में कुछ लोगों के बीच हुए विवाद और मारपीट की घटना से यह वीडियो जुड़ा हो सकता है। उस दौरान, भोजन वितरण का कार्य देख रहे शिवम स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष राधाबाई बीच-बचाव करने पहुंची थीं, और उनकी बेटी ने विवाद से संबंधित कुछ फोटो और वीडियो बनाए थे। विभाग का आरोप है कि इसी विवाद के चलते विरोधी पक्ष ने राधाबाई पर दबाव बनाने के उद्देश्य से इस पुराने वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल किया है।

कार्यकर्ता की अनुपस्थिति और समूह की भूमिका

जांच में यह भी पता चला कि जिस दिन का वीडियो बताया जा रहा है, उस दिन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुमन जायसवाल टीकाकरण ड्यूटी पर ककरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गई हुई थीं। इस कारण केंद्र की जिम्मेदारी 62 वर्षीय सहायिका ऊषा गौतम संभाल रही थीं। वर्तमान में, बच्चों के भोजन वितरण का कार्य शिवम स्व-सहायता समूह के अधीन है। विभाग ने अपनी जांच में इस बार समूह को किसी भी अनियमितता से दोषमुक्त ठहराया है, हालांकि यह भी स्वीकार किया गया है कि पूर्व में इस समूह पर अनियमितताओं के कारण जुर्माना लगाया जा चुका है।

कांग्रेस का सरकार पर तीखा हमला

वीडियो वायरल होते ही, मध्य प्रदेश कांग्रेस ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अपने आधिकारिक ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर यह वीडियो साझा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा मध्यप्रदेश को टैग किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “मैहर की आंगनवाड़ी! पोषण आहार में नमक-पूड़ी! कर्ज लेकर करप्शन और कमीशन का रिकॉर्ड बना चुकी भाजपा सरकार जगह-जगह बच्चों का निवाला छीन रही है! इस पाप के लिए भाजपा को कभी माफ नहीं किया जा सकता।” कांग्रेस ने इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पोषण व्यवस्था की निगरानी पर उठते प्रश्न

आंगनवाड़ी केंद्रों की भूमिका बच्चों को पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में, भोजन वितरण को लेकर सामने आई यह तस्वीर पोषण व्यवस्था की निगरानी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करती है। हालांकि, विभाग का यह कहना है कि वायरल वीडियो को जानबूझकर पूरे संदर्भ से अलग करके प्रस्तुत किया गया है और जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। अब प्रशासनिक जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। फिलहाल, यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों ही स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है, और इसके निष्कर्ष का इंतजार किया जा रहा है।