महोबा पुलिस ने साइबर अपराधों से निपटने को रिक्रूट आरक्षियों को दिया विशेष प्रशिक्षण
महोबा पुलिस लाइंस में आयोजित प्रशिक्षण में रिक्रूट आरक्षियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, ओटीपी ठगी जैसे साइबर अपराधों से बचाव और जांच की बारीकियां सिखाई गईं।

द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 8 अगस्त 2026
महोबा में साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं से निपटने के लिए पुलिस महकमे ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। शनिवार को पुलिस लाइंस के सभागार में रिक्रूट आरक्षियों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य नव नियुक्त पुलिसकर्मियों को डिजिटल दुनिया में पनप रहे विभिन्न प्रकार के साइबर अपराधों से अवगत कराना और उनसे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए तैयार करना है।
यह प्रशिक्षण पुलिस अधीक्षक शशांक सिंह के निर्देशन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम अनुरुद्ध कुमार ने की, जबकि साइबर थाना के प्रभारी निरीक्षक अर्जुन सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान, रिक्रूट आरक्षियों को वर्तमान समय में प्रचलित हो रहे साइबर अपराधों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इसमें ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग हमलों, ओटीपी के माध्यम से होने वाली ठगी, सोशल मीडिया खातों की हैकिंग और फर्जी वेबसाइटों व मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग करके की जाने वाली धोखाधड़ी जैसे गंभीर मामले शामिल थे।
साइबर अपराधों की रोकथाम और डिजिटल साक्ष्य संकलन
प्रशिक्षण कार्यक्रम में न केवल साइबर अपराधों के प्रकारों पर प्रकाश डाला गया, बल्कि उनकी रोकथाम के व्यावहारिक तरीकों पर भी जोर दिया गया। रिक्रूट आरक्षियों को सिखाया गया कि कैसे वे इन अपराधों की पहचान कर सकते हैं और पीड़ितों की मदद के लिए तत्काल कदम उठा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रूप से कैसे एकत्र किया जाए और तकनीकी जांच की प्रक्रिया क्या होती है, इस पर भी विशेष ध्यान दिया गया। यह जानकारी अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पुलिसकर्मियों की सतर्कता की आवश्यकता
क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम अनुरुद्ध कुमार ने इस अवसर पर कहा कि आज का युग आधुनिक तकनीक का युग है और ऐसे में पुलिसकर्मियों का साइबर अपराधों के प्रति प्रशिक्षित और सतर्क रहना सर्वोपरि है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि पुलिसकर्मियों की सजगता ही आमजन को समय पर सहायता दिलाने और अपराधियों पर नकेल कसने में सहायक सिद्ध होगी। उन्होंने बताया कि इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम महोबा पुलिस द्वारा जनपद में साइबर अपराधों को रोकने और नागरिकों को जागरूक करने के लिए नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं, ताकि समाज को डिजिटल खतरों से सुरक्षित रखा जा सके।
