महोबा में युवा संसद: नशा मुक्ति और विकसित भारत के निर्माण पर जोर
महोबा के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में 'युवा भारत' के तत्वावधान में आयोजित 'युवा संसद' कार्यक्रम में नशा मुक्त समाज और विकसित भारत के निर्माण...

MAHOBA | संवाददाता: अभिनय सिंह चंदेल
द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 17 अक्टूबर 2026
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय शनिवार को 'युवा संसद' कार्यक्रम का साक्षी बना, जहाँ 'मेरा युवा भारत' (MY Bharat) पहल के तहत युवाओं को नशा मुक्त समाज और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन का मुख्य विषय 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत' था, जिसका उद्देश्य युवाओं के बीच नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला युवा अधिकारी सुशील करोलिया ने की, जबकि भारतीय जनता पार्टी के जिला मंत्री रामपाल ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। विद्यालय में मां सरस्वती और कस्तूरबा गांधी के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसने कार्यक्रम के शैक्षणिक और प्रेरणादायक स्वरूप को रेखांकित किया।
विकसित भारत की राह में नशा एक बड़ी बाधा
जिला युवा अधिकारी सुशील करोलिया ने अपने संबोधन में वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह महत्वाकांक्षी लक्ष्य तभी साकार हो सकेगा जब देश का युवा वर्ग नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से पूरी तरह दूर रहेगा। करोलिया ने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की रीढ़ बताते हुए उन्हें शिक्षा और खेलकूद के क्षेत्र में पूरी निष्ठा से समर्पित रहने का आह्वान किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक स्वस्थ और नशा मुक्त युवा ही देश के उज्ज्वल भविष्य का निर्माता बन सकता है।
मुख्य अतिथि रामपाल ने नशे के गंभीर सामाजिक और व्यक्तिगत दुष्परिणामों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, बल्कि उसके संपूर्ण परिवार को भी आर्थिक और मानसिक रूप से तबाह कर देता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और समाज में नशा मुक्ति के संदेश का प्रसार कर एक स्वस्थ और प्रगतिशील समाज के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।
पांच सत्रों में सिमटा कार्यक्रम: ज्ञान, जागरूकता और प्रतिभा प्रदर्शन
इस 'युवा संसद' कार्यक्रम को पांच अलग-अलग सत्रों में आयोजित किया गया, जो युवाओं को व्यापक जानकारी और अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से बनाए गए थे।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में 'मेरा युवा भारत' पोर्टल के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई, जिससे युवाओं को सरकारी योजनाओं और पहलों से अवगत कराया जा सके। दूसरे सत्र में, सहायक अध्यापिका शिखा ने नशे के सेवन से समाज पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों पर एक सारगर्भित चर्चा की, जिसमें उन्होंने विभिन्न सामाजिक और पारिवारिक विखंडन के कारणों को नशे से जोड़ा।
तीसरे सत्र में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसका निर्देशन शिक्षिका सुप्रिया चतुर्वेदी और अर्चना सिंह ने किया। इस प्रतियोगिता में छात्राओं ने अपनी वाक्पटुता और विचारों को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने की अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। चौथे सत्र में, शिक्षिका कल्पना सोनी ने ऑडियो-विजुअल माध्यमों का उपयोग करते हुए, नशे के सेवन से होने वाले शारीरिक और मानसिक नुकसानों को अत्यंत मार्मिक ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम के अंतिम सत्र में, खेल शिक्षिकाओं के मार्गदर्शन में छात्राओं को योगाभ्यास कराया गया। इस सत्र का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को न केवल शारीरिक रूप से सक्रिय रखना था, बल्कि योग के माध्यम से उन्हें मानसिक शांति और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना भी था।
प्रतियोगिताएं और नुक्कड़ नाटक: नशा मुक्ति का प्रभावी संदेश
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न रचनात्मक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया, जिनमें छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। भाषण प्रतियोगिता में शबनम ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, जबकि अंशिका विश्वकर्मा द्वितीय और कोमल कुशवाहा तृतीय स्थान पर रहीं।
नारा लेखन प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राओं ने नशा मुक्ति के पक्ष में सशक्त और प्रेरक संदेश दिए। इन नारों में नशे के प्रति समाज की सोच को बदलने की क्षमता थी। इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में एक नुक्कड़ नाटक का भी मंचन किया गया, जिसने आमजन को सरल और प्रभावी भाषा में नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन स्वयंसेवक अंश खरे ने किया। इस अवसर पर विद्यालय की शिक्षिकाएं रिमझिम शिवहरे, हसीना बानो, कल्पना पाठक, रेखा अनुरागी, शिक्षा सक्सेना और प्रियंका राठौर सहित विद्यालय का अन्य स्टाफ भी उपस्थित रहा। आयोजन को सफल बनाने में आयुष चौरसिया, अभिनय, संगम द्विवेदी, प्रशांत चौरसिया और समाजसेवी केपी सिंह जैसे कई अन्य सहयोगियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत कर उनके उत्साहवर्धन के साथ-साथ भविष्य में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया गया।
