महोबा में 'विकसित भारत-2047' पर भाषण प्रतियोगिता, आकांक्षा अव्वल
महोबा के पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज में 'विकसित भारत-2047' विषय पर आयोजित भाषण प्रतियोगिता में आकांक्षा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

MAHOBA | संवाददाता: अभिनय सिंह चंदेल
द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 25 सितंबर 2026
महोबा जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय मॉडल इंटर कॉलेज, रिवई, चरखारी में 'माय भारत महोबा' के तत्वावधान में 'विकसित भारत-2047' विषय पर एक विशेष भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिला युवा अधिकारी सुशील कुमार करौलिया के निर्देशन में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने देश की प्रगति और भविष्य की योजनाओं पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम का शुभारंभ कार्यवाहक प्रधानाचार्य अभिषेक सोनी ने दीप प्रज्वलित कर और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया। कुलदीप सिंह गौतम, आशीष कुमार सिंह और अनुज मिश्र इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार के अवसर सृजन और तकनीकी उन्नति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने सारगर्भित भाषण दिए।
युवाओं ने साझा किए 'विकसित भारत' के लिए सुझाव
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले छात्र-छात्राओं ने 'विकसित भारत-2047' की संकल्पना को साकार करने के लिए अनेक रचनात्मक सुझाव दिए। उन्होंने देश को आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया। भाषणों में शिक्षा के स्तर को सुधारने, नवाचार को बढ़ावा देने और प्रत्येक नागरिक के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
आकांक्षा ने मारी बाजी, विजेताओं को मिला सम्मान
भाषण प्रतियोगिता के संपन्न होने पर सहायक अध्यापक आशीष कुमार सिंह ने परीक्षा परिणामों की घोषणा की। इसमें आकांक्षा ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। भजन द्वितीय और राहुल ने तृतीय स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के शिक्षकों ने विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया, जिससे उनका उत्साहवर्धन हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को देश के भविष्य के प्रति जागरूक करना और उनमें राष्ट्र निर्माण की भावना को प्रोत्साहित करना था।
