महोबा में बुनियादी शिक्षा प्रशिक्षण का समापन, निपुण भारत मिशन पर जोर
चरखारी डायट में 5 दिवसीय एफएलएन प्रशिक्षण संपन्न। 25 शिक्षकों ने सीखीं नवीन शिक्षण विधियां, निपुण भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने का संकल्प लिया।

द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 8 अगस्त 2026
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), चरखारी में आयोजित पांच दिवसीय ब्लॉक स्तरीय एफएलएन (बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को प्रमाण-पत्र वितरण के साथ सफलतापूर्वक समापन हो गया। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक स्तर के बच्चों में शिक्षा की मजबूत नींव रखना और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करना है।
यह प्रशिक्षण 3 अगस्त 2026 को प्रारंभ हुआ था, जिसमें महोबा जिले के विभिन्न विकासखंडों से आए 25 एआरपी (एजुकेशन रिसोर्स पर्सन) एवं केआरपी (की रिसोर्स पर्सन) शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इन शिक्षकों को नवीन शिक्षण विधियों और बाल-केंद्रित शिक्षाशास्त्र में प्रशिक्षित किया गया, ताकि वे अपने विद्यालयों में बच्चों के सीखने के अनुभव को बेहतर बना सकें।
नवीन शिक्षण विधियों और शैक्षिक नवाचारों पर जोर
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान, विशेषज्ञों ने एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों पर आधारित नवीन शिक्षण विधियों, प्रभावी शिक्षण सामग्री के उपयोग, नई शिक्षा नीति-2020, और एनसीएफ-2023 के प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। प्रतिभागियों को निपुण लक्ष्य प्राप्ति से संबंधित विभिन्न शैक्षिक पहलुओं से भी अवगत कराया गया। संदर्भदाताओं के रूप में रमाशंकर वर्मा (एआरपी), मनोज कुमार अनुरागी (एसआरजी), जय राम कुटार (प्रवक्ता) तथा मनीष केशरवानी (प्रवक्ता) ने सत्रों का संचालन किया और शिक्षकों के प्रश्नों का समाधान किया।
बुनियादी शिक्षा की मजबूत नींव और निपुण भारत मिशन
समापन समारोह डायट प्राचार्य के.एल. गौतम की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, जहाँ प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षकों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। प्राचार्य गौतम ने एफएलएन प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर बच्चों में बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान की एक मजबूत नींव तैयार करना है। उन्होंने प्रशिक्षित शिक्षकों से आग्रह किया कि वे अपने विद्यालयों में प्रशिक्षण से प्राप्त ज्ञान और कौशल का प्रभावी ढंग से उपयोग करें, ताकि निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्राप्त किया जा सके।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम शिक्षकों को नवीनतम शैक्षिक रणनीतियों से लैस करने और प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से, बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद मिलेगी।
