महोबा में बच्चों ने चित्रकला व भाषण से स्वच्छता का संदेश दिया
महोबा में 'माय भारत' एनजीओ ने बच्चों के लिए चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित कीं। इसका उद्देश्य स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।

द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 8 अगस्त 2026
महोबा में 'माय भारत' नामक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) ने स्वतंत्रता दिवस से पूर्व 'स्वच्छता पखवाड़ा' के अवसर पर बच्चों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक अनूठी पहल की है। इसके तहत, संगठन द्वारा दो दिवसीय रचनात्मक प्रतियोगिताओं - चित्रकला और भाषण - का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इन आयोजनों के माध्यम से बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए एक स्वच्छ और स्वस्थ समाज के निर्माण का संदेश दिया।
कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि के तौर पर रक्षा तिवारी और विशिष्ट अतिथि के रूप में अंकिता मिश्रा ने शिरकत की। अतिथियों ने बच्चों को न केवल प्रोत्साहित किया, बल्कि स्वच्छता को व्यक्तिगत जिम्मेदारी से आगे बढ़कर एक सामूहिक सामाजिक दायित्व बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छोटी उम्र से ही बच्चों में स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने से समाज में एक स्थायी और सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है, जो भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
चित्रकला प्रतियोगिता: रंगों में स्वच्छता का संदेश
स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मकता का अनूठा संगम प्रस्तुत किया। प्रतिभागियों ने 'स्वच्छता', 'पर्यावरण संरक्षण' और 'स्वच्छ समाज' जैसे विषयों को अपने चित्रों के माध्यम से जीवंत कर दिया। उन्होंने कागज़ पर उकेरे गए आकर्षक चित्रों के माध्यम से समाज को साफ-सफाई बनाए रखने, पर्यावरण को सुरक्षित रखने और सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ रखने का प्रभावी संदेश दिया। यह प्रतियोगिता बच्चों को अपनी कलात्मक प्रतिभा का उपयोग सामाजिक संदेश देने के लिए एक मंच प्रदान करने में सफल रही।
इस प्रतियोगिता के परिणाम में, कुमारी खुशी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि दिव्यांशी द्वितीय स्थान पर रहीं। वहीं, एक अन्य प्रतिभागी कुमारी खुशी ने तृतीय स्थान हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। सभी विजेता प्रतिभागियों को आयोजकों और उपस्थित अतिथियों द्वारा पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। अतिथियों ने विजयी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उनके प्रयासों की सराहना की।
भाषण प्रतियोगिता: विचारों से स्वच्छता का आह्वान
चित्रकला प्रतियोगिता के ठीक अगले दिन, 6 अगस्त 2026 को, नवजीवन होटल, महोबा में 'माय भारत' एनजीओ द्वारा भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भी बड़ी संख्या में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने विचारों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में रक्षा तिवारी, गायत्री और मनीषा चौबे ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रतियोगिता के दौरान, बच्चों ने 'स्वच्छता का महत्व', 'पर्यावरण संरक्षण', 'प्लास्टिक प्रदूषण के दुष्परिणाम', 'स्वच्छ सार्वजनिक स्थान' तथा 'नागरिकों की जिम्मेदारी' जैसे ज्वलंत विषयों पर अपने विचार बेबाकी से रखे। उनके भाषणों में स्वच्छता को दैनिक जीवन का एक अभिन्न अंग बनाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह प्रमुखता से झलका। प्रतिभागियों ने अपनी वाक्पटुता और तार्किक प्रस्तुति के माध्यम से श्रोताओं को प्रेरित किया।
भाषण प्रतियोगिता में किशोरी त्रिपाठी प्रथम स्थान पर रहीं, शालिनी ने दूसरा स्थान हासिल किया और तपस्या को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ। विजेता प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कारों से सम्मानित किया गया, जिससे उनका उत्साहवर्धन हुआ। आयोजकों के अनुसार, ऐसी प्रतियोगिताओं से बच्चों को न केवल अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिलता है, बल्कि वे सामाजिक विषयों को गहराई से समझने और उन पर अपने विचार व्यक्त करने में भी सक्षम होते हैं।
सामाजिक जागरूकता: एक सतत प्रयास
इस संपूर्ण कार्यक्रम के आयोजन में शिवेंद्र सिंह और 'माय भारत' के समस्त कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। आयोजकों ने इस बात पर जोर दिया कि 'स्वच्छता पखवाड़ा' जैसे अभियानों को केवल शारीरिक सफाई तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि इन्हें जनजागरूकता के व्यापक स्तर से जोड़ा जाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि चित्रकला और भाषण जैसी रचनात्मक और बौद्धिक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति स्थायी रूप से जागरूक किया जा सकता है।
संगठन का मानना है कि बच्चे समाज में जागरूकता फैलाने के सबसे प्रभावी माध्यम बन सकते हैं। यदि उनमें छोटी उम्र से ही स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना कूट-कूट कर भर दी जाए, तो इसका सकारात्मक प्रभाव न केवल उनके परिवारों पर पड़ेगा, बल्कि पूरे समाज में एक बड़े बदलाव का वाहक बनेगा। कार्यक्रम के अंत में, आयोजकों ने सभी प्रतिभागियों, अतिथियों और सहयोगियों का उनके बहुमूल्य सहयोग के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया।
