महोबा में आरोग्य मेले में 153 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण, मिली नि:शुल्क दवा
महोबा के अजनर, खमा और अकौना स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर आयोजित मुख्यमंत्री आरोग्य मेले में 153 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर नि:शुल्क दवाइयां और परामर्श दिया गया।

द क्लिफ न्यूज़ | महोबा | 9 अगस्त 2026
उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 153 मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विनय कुमार के निर्देशन और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतपुर के अधीक्षक डॉ. पी.के. सिंह की देखरेख में अजनर, खमा और अकौना स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर ये मेले संपन्न हुए। इन मेलों के माध्यम से जरूरतमंदों को नि:शुल्क दवाइयां और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया।
यह पहल स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और आम लोगों तक चिकित्सा सुविधाएँ पहुँचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री आरोग्य मेले, सरकार द्वारा नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और संवेदनशीलता को दर्शाते हैं, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में जहाँ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच अक्सर सीमित होती है। इन मेलों का उद्देश्य न केवल तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करना है, बल्कि भविष्य में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाव के लिए निवारक उपायों के बारे में भी शिक्षित करना है।
विभिन्न उपकेंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार
मेले के दौरान, अजनर आरोग्य चिकित्सालय में डॉ. रामकुमार, एएनएम नीतू, स्टाफ नर्स भगवती, शैलेन्द्र द्विवेदी एवं अरुण की टीम ने सक्रियता से कार्य किया। इस टीम ने 48 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया, जिसमें लैब टेक्नीशियन शैलेन्द्र द्विवेदी द्वारा 7 मरीजों की जांच भी शामिल थी। इन जांचों के माध्यम से संभावित बीमारियों का प्रारंभिक निदान संभव हो सका, जिससे समय पर उपचार शुरू करने में मदद मिली।
खमा स्वास्थ्य उपकेंद्र पर डॉ. प्रेम नारायण शर्मा, डॉ. जे.पी. पास्तोर, डॉ. शैलेन्द्र सिंह एवं स्टाफ नर्स किरण की टीम ने 54 मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की और उन्हें आवश्यक दवाएं वितरित कीं। यह टीम अपने समर्पण और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए प्रशंसनीय रही, क्योंकि उन्होंने बड़ी संख्या में मरीजों को सेवाएँ प्रदान कीं। वहीं, अकौना स्वास्थ्य उपकेंद्र पर भी 51 मरीजों का सफलतापूर्वक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और उन्हें उपचार की सुविधा प्रदान की गई। प्रत्येक उपकेंद्र पर एक समर्पित चिकित्सा दल ने यह सुनिश्चित किया कि प्रत्येक मरीज को व्यक्तिगत ध्यान और उचित चिकित्सा सलाह मिले।
आयोजित आरोग्य मेलों में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक पाई गई। यह प्रवृत्ति इस बात का संकेत देती है कि बदलते मौसम के साथ स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियाँ बढ़ जाती हैं। चिकित्सकों ने उपस्थित लोगों को स्वच्छता बनाए रखने, स्वच्छ पेयजल का सेवन करने, संतुलित आहार लेने और बदलते मौसम के अनुसार सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समय पर स्वास्थ्य जांच और उचित उपचार के माध्यम से अधिकांश मौसमी बीमारियों से प्रभावी ढंग से बचाव किया जा सकता है। विशेष रूप से, पानी से होने वाली बीमारियों और श्वसन संबंधी संक्रमणों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, विशेषज्ञों ने व्यक्तिगत स्वच्छता के महत्व को रेखांकित किया।
